Vyas Astrology

Navratri 2026: नवरात्रि कब से शुरू होगी और कब खत्म होगी? जानें कलश स्थापना मुहूर्त, 9 देवियों के नाम, पूजा विधि और नियम

Navratri 2026: नवरात्रि कब से शुरू होगी और कब खत्म होगी? जानें कलश स्थापना मुहूर्त, 9 देवियों के नाम, पूजा विधि और नियम
By Pt. Jitendra Vyas | Sep-29-2026

Navratri 2026: नवरात्रि 2026 कब से शुरू है और कब तक है? जानें शारदीय नवरात्रि की तारीख, कलश स्थापना मुहूर्त, 9 देवियों के नाम, पूजा विधि, व्रत नियम और दशहरा 2026 की तारीख।

Navratri 2026: मां दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र पर्व शारदीय नवरात्रि इस साल अक्टूबर महीने में मनाया जाएगा। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान घरों में कलश स्थापना, अखंड ज्योत, दुर्गा सप्तशती पाठ, कन्या पूजन और व्रत जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।

अगर आप जानना चाहते हैं कि नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी, नवरात्रि 2026 कब खत्म होगी, कलश स्थापना 2026 कब है, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है, नवरात्रि के 9 दिनों में किस देवी की पूजा होती है और नवरात्रि में क्या करें और क्या न करें, तो यहाँ आपको इसकी पूरी जानकारी मिलेगी।

 

नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी और कब खत्म होगी?

शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होगी। इसी दिन आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना या घटस्थापना की जाएगी। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है।

पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात तक रहेगी। इसलिए नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना 11 अक्टूबर को की जाएगी।

 

नवरात्रि 2026 तिथि 

पर्व 

तारीख

शारदीय नवरात्रि प्रारंभ 

11 अक्टूबर 2026, रविवार

घट स्थापना अथवा कलश स्थापना

11 अक्टूबर 2026

नवरात्रि का पहला दिन

मां शैलपुत्री पूजा

नवरात्रि का सातवां दिन

मां कालरात्रि पूजा

दुर्गा अष्टमी

19 अक्टूबर 2026

महानवमी / नवमी अनुष्ठान

19 अक्टूबर 2026

विजयादशमी / दशहरा

20 अक्टूबर 2026, मंगलवार

नवरात्रि 2026 कब से है?

अगर आपके मन में सवाल है कि नवरात्रि 2026 कब से शुरू है, तो इसका जवाब है- 11 अक्टूबर 2026 से।

11 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि का पहला दिन होगा। इसी दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ नवरात्रि की शुरुआत और शुभ मुहूर्त में घटस्थापना की जाएगी।

 

नवरात्रि 2026 कब खत्म होगी?

नवरात्रि 2026 का नौ दिवसीय पर्व 19 अक्टूबर 2026 को अष्टमी और महानवमी के साथ पूरा होगा।

इसके अगले दिन 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।

 

कलश स्थापना 2026 कब है?

कलश स्थापना 2026 में 11 अक्टूबर, रविवार को होगी।

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना को घटस्थापना भी कहा जाता है। इसे नवरात्रि पूजा के आरंभ का महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। घटस्थापना के लिए प्रतिपदा तिथि के दौरान दिन के शुभ समय को प्राथमिकता दी जाती है।

 

कलश स्थापना मुहूर्त 2026

शारदीय नवरात्रि 2026 के पहले दिन 11 अक्टूबर 2026, रविवार को कलश स्थापना यानी घटस्थापना की जाएगी। पंचांग के अनुसार इस दिन कलश स्थापना के लिए प्रातःकाल का शुभ मुहूर्त विशेष माना गया है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त:

  • प्रातःकाल मुहूर्त: सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक
  • मुहूर्त की अवधि: लगभग 3 घंटे 52 मिनट
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक

     

यदि किसी कारणवश प्रातःकाल के निर्धारित मुहूर्त में कलश स्थापना न कर पाएं, तो अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना की जा सकती है।

 

घटस्थापना के लिए सामग्री

कलश स्थापना के लिए सामान्य रूप से इन सामग्रियों की जरूरत पड़ती है:

  • मिट्टी का पात्र
  • साफ मिट्टी
  • जौ
  • कलश
  • स्वच्छ जल
  • आम के पत्ते
  • नारियल
  • लाल कपड़ा
  • मौली/कलावा
  • रोली
  • अक्षत
  • सुपारी
  • सिक्का
  • फूल और माला
  • धूप और दीपक
  • मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा

घटस्थापना 2026 की पूजा विधि

अगर आप घर पर नवरात्रि पूजा विधि के अनुसार घटस्थापना करना चाहते हैं, तो सामान्य रूप से इस तरह पूजा कर सकते हैं:

1. पूजा स्थान की सफाई करें

सबसे पहले घर और पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें। पूजा की चौकी स्थापित करके उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।

2. जौ बोएं

एक मिट्टी के पात्र में साफ मिट्टी डालें और उसमें जौ बोएं। इसके ऊपर कलश स्थापित किया जाता है।

3. कलश तैयार करें

कलश में साफ जल भरें। इसमें अक्षत, सुपारी और सिक्का आदि रखने की परंपरा है।

4. आम के पत्ते लगाएं

कलश के मुख पर आम के पत्ते लगाएं।

5. नारियल रखें

नारियल को लाल या पीले कपड़े में लपेटकर कलश के ऊपर स्थापित करें।

6. मां दुर्गा का आह्वान करें

दीपक जलाएं और मां दुर्गा का ध्यान करते हुए पूजा और संकल्प करें।

7. आरती करें

कलश स्थापना के बाद मां दुर्गा की आरती करें और प्रसाद अर्पित करें।

 

नवरात्रि के 9 दिन और 9 देवियों के नाम

नवरात्रि के नौ दिनों में नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। यही कारण है कि भक्त हर दिन अलग देवी की आराधना करते हैं।

  • पहला दिन – मां शैलपुत्री

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री को नवदुर्गा का पहला स्वरूप माना जाता है।

2026 में: 11 अक्टूबर

  • दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। यह स्वरूप तप, साधना और संयम से जुड़ा माना जाता है।

2026 में: 12 अक्टूबर

  • तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। उनके मस्तक पर अर्धचंद्र सुशोभित होने के कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।

2026 में: 13 अक्टूबर

  • चौथा दिन – मां कूष्मांडा

चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है।

2026 में: 14 अक्टूबर

  • पांचवां दिन – मां स्कंदमाता

पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है। उन्हें भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजा जाता है।

2026 में: 15 अक्टूबर

  • छठा दिन – मां कात्यायनी

छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है।

2026 में: 16 अक्टूबर

  • सातवां दिन – मां कालरात्रि

सप्तमी के दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। यह देवी का उग्र स्वरूप माना जाता है।

2026 में: 17 अक्टूबर

  • आठवां दिन – मां महागौरी

अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। 2026 में दुर्गा अष्टमी का पर्व 19 अक्टूबर को पड़ रहा है।

  • नौवां दिन – मां सिद्धिदात्री

नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन नवमी हवन और कन्या पूजन जैसे अनुष्ठान कई परिवारों में किए जाते हैं।

 

नवरात्रि में क्या करें?

नवरात्रि के दौरान पूजा और व्रत के साथ सात्विक जीवनशैली अपनाने की परंपरा है। अगर आप जानना चाहते हैं कि नवरात्रि में कौन से काम करने चाहिए, तो इन बातों का ध्यान रख सकते हैं:

  • रोज सुबह स्नान करके पूजा करें।
  • पूजा स्थान को साफ रखें।
  • मां दुर्गा को फूल, फल और नैवेद्य अर्पित करें।
  • रोज दीपक जलाएं।
  • दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती या देवी मंत्रों का पाठ करें।
  • अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार व्रत रखें।
  • जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र का दान करें।
  • अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन करें।
  • घर में सकारात्मक और शांत वातावरण बनाए रखें।

नवरात्रि में क्या न करें?

नवरात्रि में क्या नहीं करना चाहिए, इसे लेकर अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अलग-अलग मान्यताएं हो सकती हैं। सामान्य रूप से व्रत और पूजा करने वाले लोग इन बातों से बचते हैं:

  • तामसिक भोजन से परहेज करते हैं।
  • शराब और नशीले पदार्थों से दूर रहते हैं।
  • अनावश्यक क्रोध और विवाद से बचते हैं।
  • पूजा स्थान में गंदगी नहीं रखते।
  • व्रत के दौरान अपनी परंपरा में निषिद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करते।
  • पूजा-पाठ में असावधानी से बचते हैं।
  • किसी व्यक्ति का अपमान या जानबूझकर किसी को कष्ट देने से बचना चाहिए।

नवरात्रि व्रत में क्या खाएं?

नवरात्रि में व्रत रखने वालों के लिए भोजन के नियम परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार अलग हो सकते हैं। आमतौर पर फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़े का आटा, मखाना और कुछ विशेष व्रत वाले खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है। व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। 

 

दुर्गा अष्टमी 2026 कब है?

दुर्गा अष्टमी 2026, 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को है।

नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा की जाती है। इस दिन कई घरों में विशेष पूजा, हवन और कन्या पूजन किया जाता है।

अष्टमी के दिन कन्याओं को भोजन कराकर उन्हें दक्षिणा, फल या उपहार देने की परंपरा भी है।

 

महानवमी 2026 कब है?

महानवमी 2026 भी 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को है।

महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। चूंकि अष्टमी और महानवमी दोनों एक ही दिन पड़ रही हैं, इसलिए  इस दिन कई भक्त नवरात्रि व्रत का समापन करते हैं और नवमी हवन करते हैं।

 

दशहरा 2026 कब है?

दशहरा 2026 यानी विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी।

विजयादशमी नवरात्रि के बाद आने वाला प्रमुख पर्व है। इस दिन भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की स्मृति में दशहरा मनाया जाता है।

 

नवरात्रि का धार्मिक महत्व क्या है?

हिंदू धर्म में नवरात्रि को शक्ति की उपासना का प्रमुख पर्व माना जाता है। इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूप की पूजा की जाती है।

भक्त नवरात्रि के दौरान व्रत, पूजा, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से मां दुर्गा की आराधना करते हैं। नवरात्रि का समापन विजयादशमी के पर्व के साथ होता है, जिसे धार्मिक परंपरा में धर्म की विजय और सकारात्मक शक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

 

नवरात्रि 2026 पूजा सामग्री

अगर आप घर पर नवरात्रि की पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले से ये सामग्री तैयार रख सकते हैं:

  • मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा
  • कलश
  • नारियल
  • आम के पत्ते
  • जौ
  • मिट्टी
  • रोली
  • अक्षत
  • मौली
  • सुपारी
  • सिक्का
  • लाल कपड़ा
  • फूल
  • माला
  • धूप
  • दीपक
  • कपूर
  • फल
  • प्रसाद
  • पंचामृत की सामग्री

निष्कर्ष:

Navratri 2026 मां दुर्गा की आराधना और शक्ति उपासना का पावन पर्व है। इस साल शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू होगी और नौ दिनों के पूजा-अनुष्ठानों के बाद 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना/घटस्थापना की जाएगी और नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होगी।

कलश स्थापना, दुर्गा अष्टमी, महानवमी, कन्या पूजन और नवमी हवन के मुहूर्त के लिए अपने परिवार की परंपरा का पालन करें।

 

Find here - Easy and Beautiful Hairstyles for Garba Night

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

2026 में नवरात्रि कब से शुरू होगी? +

शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होगी।

नवरात्रि 2026 कब खत्म होगी? +

नवरात्रि का नौ दिवसीय पर्व 19 अक्टूबर 2026 तक रहेगा। इसके अगले दिन 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।

नवरात्रि में कलश स्थापना कब करें? +

11 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि के दौरान निर्धारित शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करनी चाहिए। मुहूर्त शहर के अनुसार बदलता है।

घटस्थापना 2026 की तारीख क्या है? +

घटस्थापना 11 अक्टूबर 2026, रविवार को होगी।

दुर्गा अष्टमी 2026 कब है? +

19 अक्टूबर 2026, सोमवार को दुर्गा अष्टमी का पर्व है।

दशहरा 2026 कब है? +

20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।

Talk to an Expert Astrologer Today - Get your Kundali reading, Vastu consultation, or personalized guidance.

🎉

Appointment Booked!

Appointment booked successfully!
We will contact you shortly.

Book an Appointment

+91

हाल के रील्स और शॉर्ट्स