शकुन शास्त्र: शुभ-अशुभ संकेत, शकुन-अपशकुन और उनका अर्थ
शकुन शास्त्र (Shakun Shastra) भारतीय परंपरा की वह विद्या है जिसमें शरीर के अंगों का फड़कना, खुजली, पशु-पक्षियों का व्यवहार और रोज़ की छोटी घटनाओं को आने वाले समय के शुभ या अशुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। शुभ फल देने वाले संकेत को शकुन और सावधानी के संकेत को अपशकुन कहा जाता है। ये पारंपरिक मान्यताएं हैं, पक्की भविष्यवाणी नहीं।

शरीर के संकेत (अंग फड़कना और खुजली)
आंख फड़कना
बाईं आंख फड़कना
दाईं आंख फड़कना
हाथ में खुजली होना
अंग फड़कना
कान बजना
शरीर के अंगों में खुजली
जीव-जंतु और पक्षी शकुन
छिपकली का गिरना
बिल्ली का रोना
बिल्ली का रास्ता काटना
कुत्ते का रोना
कबूतर का घर में आना
घर में मकड़ी का जाला
घर में चींटी आना
घर में चिड़िया का घोंसला
तितली का घर में आना
कौवा शकुन
रोज़ की घटनाएं
शकुन और अपशकुन क्या होते हैं?
संस्कृत में "शकुन" का अर्थ है संकेत या पूर्वाभास। भारतीय परंपरा में माना जाता है कि प्रकृति, पशु-पक्षी और हमारा अपना शरीर आने वाली घटनाओं के छोटे-छोटे संकेत देते हैं। जो संकेत सुख, सफलता या लाभ की ओर इशारा करें, उन्हें शुभ शकुन कहा जाता है, और जो सावधानी या परेशानी की ओर इशारा करें, उन्हें अपशकुन कहा जाता है।
शकुन का उद्देश्य डराना नहीं, बल्कि सतर्क करना है। परंपरा में अपशकुन होने पर भगवान का नाम लेना, कुछ पल रुकना या दान करना जैसे सरल उपाय बताए गए हैं, ताकि मन शांत रहे और व्यक्ति सोच-समझकर आगे बढ़े।
शुभ शकुन कौन से हैं?
- पुरुषों की दाईं और महिलाओं की बाईं आंख फड़कना (आंख फड़कने का पूरा फल)
- दाईं हथेली में खुजली होना, जिसे धन लाभ का संकेत माना जाता है (हाथ में खुजली)
- घर में चिड़िया का घोंसला और काली चींटियों का आना
- छत या मुंडेर पर कौवे का बोलना, जिसे मेहमान आने का संकेत माना जाता है
- माथे या दाएं हाथ पर छिपकली गिरना (छिपकली गिरने का फल)
- तितली का घर में आना या शरीर पर बैठना
अशुभ संकेत (अपशकुन) कौन से माने जाते हैं?
- काली बिल्ली का रास्ता काटना (पूरी मान्यता और सच)
- रात में बिल्ली या कुत्ते का रोना
- घर में मकड़ी के पुराने जाले और लाल चींटियों का आना
- कौवे का सिर पर बैठना या चोंच मारना
- पुरुषों की बाईं और महिलाओं की दाईं आंख फड़कना
इनके साथ नमक गिरना, शीशा टूटना, घर से निकलते समय छींक आना, दूध उबलकर गिरना और घर में चमगादड़ या उल्लू का आना भी लोक मान्यताओं में अपशकुन माने जाते हैं। ये क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग माने जाते हैं।
पुरुष और महिला के लिए दायां-बायां नियम
शकुन शास्त्र का सबसे बुनियादी नियम यह है कि पुरुषों के शरीर का दायां भाग और महिलाओं के शरीर का बायां भाग शुभ माना जाता है। इसलिए एक ही अंग के फड़कने का फल दोनों के लिए उल्टा होता है।
| संकेत | पुरुष | महिला |
|---|---|---|
| दाईं आंख फड़कना | शुभ: धन लाभ, तरक्की | सावधानी: तनाव, देरी |
| बाईं आंख फड़कना | सावधानी: विवाद, रुकावट | शुभ: सौभाग्य, अच्छी खबर |
| दायां अंग फड़कना | शुभ | सावधानी |
| बायां अंग फड़कना | सावधानी | शुभ |
| दाईं हथेली में खुजली | धन आना | खर्च (कुछ मान्यताओं में) |
शकुन शास्त्र के प्रमुख ग्रंथ
शकुन का सबसे विस्तृत शास्त्रीय वर्णन आचार्य वराहमिहिर की बृहत्संहिता में मिलता है, जिसमें पशु-पक्षियों, दिशाओं और ध्वनियों से जुड़े शकुनों पर कई अध्याय हैं। मध्यकाल का ग्रंथ वसंतराज शकुन भी शकुन विचार का प्रसिद्ध स्रोत माना जाता है।
अंगों के फड़कने और शरीर के लक्षणों का वर्णन सामुद्रिक शास्त्र में मिलता है। रामायण और महाभारत में भी कई जगह शकुन-अपशकुन का उल्लेख है, जैसे अशोक वाटिका में सीता जी की बाईं आंख फड़कना।
शकुन, अंधविश्वास और विज्ञान
शकुन पारंपरिक मान्यताएं हैं और इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि इनसे भविष्य तय होता है। कई शकुनों के पीछे व्यावहारिक कारण भी रहे हैं, जैसे सफाई के लिए मकड़ी के जाले हटाना या यात्रा से पहले रुककर तैयारी जांचना।
आंख या अंग फड़कना, खुजली और हिचकी जैसी शारीरिक घटनाएं ज़्यादातर तनाव, थकान, नींद की कमी या त्वचा और नसों से जुड़े सामान्य कारणों से होती हैं। इसलिए हर पेज पर हमने शकुन की मान्यता के साथ उसका वैज्ञानिक कारण और डॉक्टर कब दिखाना चाहिए, यह भी बताया है। किसी जीव को नुकसान पहुंचाना किसी भी शकुन का उपाय नहीं है।
Omens meaning in Hindi
अंग्रेज़ी शब्द "omen" को हिंदी में शकुन कहा जाता है। Good omen का अर्थ है शुभ शकुन या शुभ संकेत, और bad omen का अर्थ है अपशकुन या अशुभ संकेत। जैसे भारत में काली बिल्ली का रास्ता काटना bad omen माना जाता है, वैसे ही कई पश्चिमी देशों में सीढ़ी के नीचे से गुज़रना या शीशा टूटना अपशकुन माना जाता है।






