छिपकली का गिरना (Chipkali Ka Girna): मतलब, शुभ-अशुभ संकेत और फल
Chipkali ka girna ka matlab, shubh-ashubh sanket aur upay
शकुन शास्त्र के अनुसार छिपकली गिरने (chipkali ka girna) का फल इस बात पर निर्भर माना जाता है कि वह शरीर के किस अंग पर गिरी। माथे, भौंह या दाएं हाथ पर छिपकली गिरना धन लाभ, मान-सम्मान और सफलता का संकेत माना जाता है। सिर, बाएं हाथ या पैर के कुछ हिस्सों पर गिरना विवाद, चिंता या खर्च का संकेत माना जाता है। इस मान्यता में भी पुरुषों का दायां और महिलाओं का बायां अंग शुभ माना जाता है। अगर छिपकली खाने में गिरे तो वह खाना न खाएं।

छिपकली का गिरना: शुभ और अशुभ संकेत
✅ शुभ संकेत
- माथे पर छिपकली गिरना: परंपरा में इसे धन लाभ और मान-सम्मान का संकेत माना जाता है।
- भौंह या गाल पर: मान्यता है कि शुभ समाचार या किसी प्रियजन से मुलाकात होगी।
- दाएं हाथ या कंधे पर (पुरुष): इसे सफलता और लाभ से जोड़ा जाता है।
- पीठ के दाएं भाग पर: इसे किसी संकट से बचाव से जोड़ा जाता है।
⚠️ अशुभ संकेत
- सिर पर छिपकली गिरना: इसे विवाद, चिंता या मानसिक तनाव का संकेत माना जाता है।
- बाएं हाथ पर (पुरुष): इसे खर्च या किसी काम में रुकावट से जोड़ा जाता है।
- खाने में छिपकली गिरना: यह शकुन से ज़्यादा सेहत का मामला है; वह भोजन फेंक दें।
एक नज़र में: छिपकली का गिरना के अलग-अलग फल
| स्थिति | शकुन शास्त्र के अनुसार संकेत |
|---|---|
| शकुन शास्त्र में छिपकली गिरने का महत्व | भारतीय परंपरा में छिपकली के गिरने और बोलने को शकुन के रूप में देखा जाता है। |
| एक नज़र में: किस अंग पर छिपकली गिरने का फल | सिर: विवाद या चिंता। |
| सिर पर छिपकली गिरना | सिर पर छिपकली गिरना परंपरा में विवाद, मानसिक तनाव या किसी परेशानी का संकेत माना जाता है। |
| माथे और भौंह पर छिपकली गिरना | माथे पर छिपकली गिरना धन लाभ, मान-सम्मान, पद मिलने या किसी बड़े काम में सफलता का शुभ संकेत माना जाता है। |
| चेहरे पर छिपकली गिरना | गाल पर छिपकली गिरना किसी प्रियजन से मिलने या मेहमान आने का संकेत माना जाता है। |
| गर्दन और कंधे पर छिपकली गिरना | गर्दन पर छिपकली गिरना शत्रु पर विजय, किसी विवाद में जीत या साहस बढ़ने का संकेत माना जाता है। |
| हाथ पर छिपकली गिरना | पुरुषों के दाएं हाथ पर छिपकली गिरना धन लाभ, सफलता और किसी काम के पूरे होने का संकेत माना जाता है। |
| पीठ और पेट पर छिपकली गिरना | पीठ के दाएं भाग पर छिपकली गिरना किसी संकट से बचाव और बाएं भाग पर किसी बात की चिंता का संकेत माना जाता है। |
| पैर पर छिपकली गिरना | पैर पर छिपकली गिरना यात्रा का संकेत माना जाता है। |
| छिपकली का शरीर पर चढ़ना या छूकर निकल जाना | छिपकली का शरीर पर चढ़ना कुछ मान्यताओं में शुभ माना जाता है, खासकर अगर वह ऊपर की ओर चढ़े। |
| खाने में या पति-पत्नी पर एक साथ छिपकली गिरना | अगर छिपकली खाने में गिरे तो इसे शकुन न मानकर सीधा सेहत का मामला समझें और वह खाना फेंक दें, क्योंकि उसमें बैक्टीरिया हो सकते हैं। |
| छिपकली गिरने के बाद क्या उपाय करें | परंपरा में छिपकली गिरने के बाद स्नान करना, भगवान का नाम लेना, महामृत्युंजय मंत्र या हनुमान चालीसा पढ़ना और दीपक जलाना शुभ माना जाता है। |
| विज्ञान और व्यावहारिक नज़रिया | छिपकली आम तौर पर इंसानों के लिए ज़हरीली नहीं होती और कीड़े-मकोड़े खाकर घर को साफ रखने में मदद करती है। |
अलग-अलग स्थितियों में छिपकली का गिरना का मतलब
शकुन शास्त्र में छिपकली गिरने का महत्व
भारतीय परंपरा में छिपकली के गिरने और बोलने को शकुन के रूप में देखा जाता है। इसे गौली शास्त्र या पल्ली शास्त्र भी कहा जाता है, जो दक्षिण भारत में खास तौर पर प्रचलित है।
इसके अनुसार छिपकली जिस अंग पर गिरती है, उसी के आधार पर फल बताया जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में फल थोड़ा अलग बताया जाता है, इसलिए इसे लोक मान्यता की तरह ही देखें।
एक नज़र में: किस अंग पर छिपकली गिरने का फल
सिर: विवाद या चिंता।
माथा: धन लाभ, सम्मान।
भौंह: शुभ समाचार, सम्मान।
आंख के पास: अच्छी खबर या मित्र से मिलना।
गाल: प्रियजन से मुलाकात।
नाक: रोग से सावधानी (कुछ मान्यताओं में)।
होंठ: धन लाभ (ऊपरी) या नुकसान से सावधानी (निचला)।
गर्दन: शत्रु पर विजय।
कंधा: सुख और विजय।
दायां हाथ: लाभ, सफलता।
बायां हाथ: खर्च या रुकावट।
पीठ: संकट से बचाव या किसी बात की चिंता।
पेट: अन्न-धन की वृद्धि।
पैर: यात्रा।
सिर पर छिपकली गिरना
सिर पर छिपकली गिरना परंपरा में विवाद, मानसिक तनाव या किसी परेशानी का संकेत माना जाता है। कुछ मान्यताओं में इसे घर में कलह से भी जोड़ा जाता है।
कुछ दक्षिण भारतीय मान्यताओं में सिर पर गिरने को राज्य लाभ या पद से भी जोड़ा गया है। इसलिए इसे डर की तरह नहीं, सतर्कता की तरह देखें।
माथे और भौंह पर छिपकली गिरना
माथे पर छिपकली गिरना धन लाभ, मान-सम्मान, पद मिलने या किसी बड़े काम में सफलता का शुभ संकेत माना जाता है।
भौंह पर छिपकली गिरना किसी शुभ समाचार, सम्मान या किसी अधिकारी से लाभ का संकेत माना जाता है।
चेहरे पर छिपकली गिरना
गाल पर छिपकली गिरना किसी प्रियजन से मिलने या मेहमान आने का संकेत माना जाता है। आंख के पास गिरना अच्छी खबर से जोड़ा जाता है।
ऊपरी होंठ पर गिरना धन लाभ और निचले होंठ पर गिरना किसी नुकसान से सावधानी का संकेत माना जाता है।
गर्दन और कंधे पर छिपकली गिरना
गर्दन पर छिपकली गिरना शत्रु पर विजय, किसी विवाद में जीत या साहस बढ़ने का संकेत माना जाता है।
कंधे पर गिरना सुख, विजय और किसी ज़िम्मेदारी में सफलता से जोड़ा जाता है। पुरुषों के लिए दायां और महिलाओं के लिए बायां कंधा ज़्यादा शुभ माना जाता है।
हाथ पर छिपकली गिरना
पुरुषों के दाएं हाथ पर छिपकली गिरना धन लाभ, सफलता और किसी काम के पूरे होने का संकेत माना जाता है। बाएं हाथ पर गिरना खर्च, रुकावट या किसी चीज़ के खोने से जोड़ा जाता है।
महिलाओं के लिए यह नियम उल्टा माना जाता है: बायां हाथ शुभ और दायां हाथ सावधानी।
पीठ और पेट पर छिपकली गिरना
पीठ के दाएं भाग पर छिपकली गिरना किसी संकट से बचाव और बाएं भाग पर किसी बात की चिंता का संकेत माना जाता है।
पेट पर गिरना अन्न-धन की वृद्धि, घर में बरकत या किसी शुभ समाचार से जोड़ा जाता है।
पैर पर छिपकली गिरना
पैर पर छिपकली गिरना यात्रा का संकेत माना जाता है। दाएं पैर पर गिरना शुभ यात्रा और बाएं पैर पर गिरना यात्रा में सावधानी से जोड़ा जाता है।
पैर के तलवे पर गिरना कुछ मान्यताओं में किसी नई जगह से लाभ का संकेत माना जाता है।
छिपकली का शरीर पर चढ़ना या छूकर निकल जाना
छिपकली का शरीर पर चढ़ना कुछ मान्यताओं में शुभ माना जाता है, खासकर अगर वह ऊपर की ओर चढ़े। इसे तरक्की से जोड़ा जाता है।
छिपकली का शरीर को छूकर नीचे उतर जाना किसी चिंता के खत्म होने से जोड़ा जाता है।
खाने में या पति-पत्नी पर एक साथ छिपकली गिरना
अगर छिपकली खाने में गिरे तो इसे शकुन न मानकर सीधा सेहत का मामला समझें और वह खाना फेंक दें, क्योंकि उसमें बैक्टीरिया हो सकते हैं।
पति-पत्नी पर एक साथ छिपकली गिरने को कुछ मान्यताओं में रिश्ते में किसी बात पर ध्यान देने का संकेत माना जाता है, लेकिन यह कोई पक्का नियम नहीं है।
छिपकली गिरने के बाद क्या उपाय करें
परंपरा में छिपकली गिरने के बाद स्नान करना, भगवान का नाम लेना, महामृत्युंजय मंत्र या हनुमान चालीसा पढ़ना और दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
दक्षिण भारत में मान्यता है कि कांचीपुरम के वरदराज पेरुमल मंदिर की छत पर बनी सोने और चांदी की छिपकली को छूने से छिपकली गिरने का दोष दूर हो जाता है।
विज्ञान और व्यावहारिक नज़रिया
छिपकली आम तौर पर इंसानों के लिए ज़हरीली नहीं होती और कीड़े-मकोड़े खाकर घर को साफ रखने में मदद करती है। छत पर पकड़ ढीली होने या डर के कारण वह गिर जाती है, इसका कोई वैज्ञानिक संबंध भविष्य से नहीं है।
फिर भी छिपकली की त्वचा पर बैक्टीरिया हो सकते हैं, इसलिए जिस जगह गिरी हो उसे धो लें। घर में छिपकली कम करने के लिए कीड़ों को कम करें और दरारें बंद करें।
छिपकली का गिरना पर क्या करें (उपाय)
- छिपकली गिरे तो घबराएं नहीं; उस जगह को साबुन और पानी से धो लें।
- परंपरा में स्नान करके भगवान का नाम लेना और महामृत्युंजय मंत्र या हनुमान चालीसा पढ़ना शुभ माना जाता है।
- दक्षिण भारत की मान्यता के अनुसार कांचीपुरम के वरदराज पेरुमल मंदिर में सोने-चांदी की छिपकली को छूने से छिपकली गिरने का दोष दूर माना जाता है।
- छिपकली ने काटा हो, या खाना खाने के बाद उल्टी-दस्त हो, तो डॉक्टर से मिलें।
घर के वास्तु और आपकी कुंडली दोनों के अनुसार सही उपाय जानें।
🌙 सपने में दिखे तो क्या मतलब है?
छिपकली का गिरना: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
छिपकली का गिरना शुभ होता है या अशुभ? +
सिर पर छिपकली गिरने का क्या मतलब है? +
माथे पर छिपकली गिरना कैसा है? +
दाएं हाथ पर छिपकली गिरने का क्या मतलब है? +
पैर पर छिपकली गिरना क्या दर्शाता है? +
छिपकली गिरने के बाद क्या करें? +
Chipkali ka girna shubh hai ya ashubh? +
Sir par chipkali girne ka matlab kya hai? +
खाने में छिपकली गिर जाए तो क्या करें? +
क्या छिपकली ज़हरीली होती है? +
इस शकुन का आपकी कुंडली के अनुसार व्यक्तिगत अर्थ और उपाय जानें।







