जून 2026 में अमावस्या कब है? जानें सही तारीख

हिंदू पंचांग में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। हर महीने आने वाली अमावस्या पितरों के तर्पण, दान-पुण्य, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में बहुत से लोग जून 2026 में अमावस्या कब है, ज्येष्ठ अमावस्या 2026 और Amavasya Date June 2026 के बारे में जानना चाहते हैं। यदि आप भी जून 2026 अमावस्या तिथि की पूरी जानकारी खोज रहे हैं, तो यहां आपको सही तारीख, शुभ समय, पूजा विधि, पितृ तर्पण, उपाय और धार्मिक महत्व से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।

जून 2026 में अमावस्या कब है? (June 2026 Amavasya Date)

वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अमावस्या 15 जून 2026, सोमवार को पड़ रही है। हिंदू धर्म में इस अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन पितरों का तर्पण, श्राद्ध कर्म, दान-पुण्य और भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा है।

ज्येष्ठ अमावस्या 2026 तिथि और समय

       अमावस्या तिथि प्रारंभ: 14 जून 2026, रात 11:15 बजे (लगभग)

       अमावस्या तिथि समाप्त: 15 जून 2026, रात 09:55 बजे (लगभग)

       दिन: सोमवार

ज्येष्ठ अमावस्या 2026 का धार्मिक महत्व

यदि आप जानना चाहते हैं कि ज्येष्ठ अमावस्या का महत्व क्या है, तो बता दें कि हिंदू धर्म में अमावस्या को पितरों को समर्पित तिथि माना गया है। मान्यता है कि इस दिन पितरों के निमित्त किए गए तर्पण और दान से उनकी आत्मा को शांति मिलती है तथा परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है। 

ज्येष्ठ अमावस्या 2026 पर जल, अन्न, वस्त्र और छाया देने वाली वस्तुओं का दान विशेष पुण्यदायी माना गया है। यही कारण है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ करते हैं।

अमावस्या का ज्योतिषीय महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में स्थित होते हैं। चंद्रमा मन का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए अमावस्या 2026 आत्मचिंतन, ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है।

इस दिन किए गए मंत्र जाप और दान-पुण्य से मानसिक शांति प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

जून 2026 अमावस्या पर पितृ तर्पण का महत्व

पितृ तर्पण अमावस्या का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन पितरों को जल अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

तर्पण के लिए आमतौर पर इन चीजों का उपयोग किया जाता है:

       काले तिल

       कुश

       शुद्ध जल

       सफेद पुष्प

यदि आप अमावस्या पर पितरों के लिए क्या करें जानना चाहते हैं, तो तर्पण, दान और पितरों के नाम पर भोजन करवाना शुभ माना जाता है।

अमावस्या पर क्या करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन निम्न कार्य शुभ माने जाते हैं:

       पवित्र स्नान करें

       पितृ तर्पण करें

       भगवान शिव की पूजा करें

       दान-पुण्य करें

       पीपल वृक्ष की पूजा करें

अमावस्या पर क्या नहीं करना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हमें ये सब चीजें अमावस्या में नहीं करनी चाहिए:

       झूठ बोलने से बचें।

       किसी का अपमान न करें।

       मांस और मदिरा का सेवन न करें।

       अनावश्यक विवाद से दूर रहें।

       बुजुर्गों और पितरों का अनादर न करें।

ज्येष्ठ अमावस्या 2026 पर कौन-सा दान करें?

अमावस्या पर दान का महत्व विशेष रूप से बताया गया है। ज्येष्ठ मास में गर्मी अधिक होने के कारण शीतलता से जुड़ी वस्तुओं का दान शुभ माना जाता है। दान की वस्तुएं:

       जल से भरा घड़ा

       छाता

       चप्पल

       पंखा

       अन्न

       वस्त्र

       फल

       शरबत

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन वस्तुओं का दान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है।

अमावस्या के विशेष उपाय

      आर्थिक उन्नति के लिए:

पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

      पितृ दोष शांति के लिए:

काले तिल से तर्पण करें और जरूरतमंदों को भोजन कराएं।

      मानसिक शांति के लिए:

महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

      सुख-समृद्धि के लिए:

गरीबों को अन्न और वस्त्र दान करें।

अमावस्या पर कौन से मंत्र का जाप करें?

अमावस्या में इन मंत्रों के जाप शुभ माने जाते हैं:

       शिव मंत्र

ॐ नमः शिवाय

       पितृ मंत्र

ॐ पितृभ्यो नमः

       महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

क्या अमावस्या अशुभ होती है?

कई लोग अमावस्या को अशुभ मानते हैं, लेकिन धार्मिक ग्रंथों में इसे पितृ तर्पण, दान, पूजा और साधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि बताया गया है। इसलिए ज्येष्ठ अमावस्या 2026 को केवल अशुभ दृष्टि से नहीं देखा जाता।

निष्कर्ष:

अमावस्या 2026 केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, पितरों के प्रति श्रद्धा और धर्म-कर्म का विशेष अवसर है। 15 जून 2026 को पड़ने वाली ज्येष्ठ अमावस्या पर किए गए शुभ कार्यों को सनातन परंपरा में विशेष महत्व दिया गया है। इसलिए इस दिन दान, तर्पण और पूजा-पाठ के माध्यम से पुण्य अर्जित करने का प्रयास करें।

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जून 2026 में अमावस्या कब है: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: जून 2026 में अमावस्या कब है?

उत्तर: जून 2026 में अमावस्या 15 जून, सोमवार को है।

प्रश्न: ज्येष्ठ अमावस्या 2026 किस दिन है?

उत्तर: ज्येष्ठ अमावस्या 15 जून 2026, सोमवार को पड़ रही है।

प्रश्न: अमावस्या पर पितरों के लिए क्या करना चाहिए?

उत्तर: तर्पण, दान और पितरों के नाम पर भोजन करवाना शुभ माना जाता है।

प्रश्न: अमावस्या पर कौन सा दान करना चाहिए?

उत्तर: अन्न, जल, वस्त्र, छाता, चप्पल और पंखे का दान शुभ माना जाता है।

प्रश्न: क्या अमावस्या पर शिव पूजा करनी चाहिए?

उत्तर: हां, अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

प्रश्न: 2026 में जेठ की अमावस्या कब है?

उत्तर: ज्येष्ठ (जेठ) अमावस्या 15 जून 2026, सोमवार को है।

प्रश्न: अमावस्या के दिन कौन सी सब्जी नहीं खानी चाहिए?

उत्तर: अमावस्या पर कई लोग प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन से परहेज करते हैं तथा सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।

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