नवंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, व्रत और त्योहार
नवंबर 2027 में हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक और मार्गशीर्ष मास (पूर्णिमांत पद्धति) रहेगा। नीचे की तालिका में हर दिन की वह तिथि और नक्षत्र दिया गया है जो नई दिल्ली में सूर्योदय के समय चल रहा था। किसी भी तारीख पर क्लिक करके उस दिन का पूरा पंचांग, राहु काल, शुभ मुहूर्त और चौघड़िया देख सकते हैं।
नवंबर 2027: पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी का समय
नवंबर 2027: दिन-प्रतिदिन पंचांग
| तारीख | वार | तिथि (सूर्योदय) | नक्षत्र | व्रत / त्योहार |
|---|---|---|---|---|
| 1 नवंबर | सोमवार | शुक्ल तृतीया | अनुराधा | |
| 2 नवंबर | मंगलवार | शुक्ल चतुर्थी | ज्येष्ठा | |
| 3 नवंबर | बुधवार | शुक्ल पंचमी | मूल | |
| 4 नवंबर | गुरुवार | शुक्ल षष्ठी | पूर्वाषाढ़ा | |
| 5 नवंबर | शुक्रवार | शुक्ल सप्तमी | उत्तराषाढ़ा | |
| 6 नवंबर | शनिवार | शुक्ल अष्टमी | श्रवण | |
| 7 नवंबर | रविवार | शुक्ल नवमी | धनिष्ठा | |
| 8 नवंबर | सोमवार | शुक्ल दशमी | शतभिषा | |
| 9 नवंबर | मंगलवार | शुक्ल दशमी | पूर्वाभाद्रपद | |
| 10 नवंबर | बुधवार | शुक्ल एकादशी | उत्तराभाद्रपद | |
| 11 नवंबर | गुरुवार | शुक्ल द्वादशी | उत्तराभाद्रपद | |
| 12 नवंबर | शुक्रवार | शुक्ल त्रयोदशी | रेवती | |
| 13 नवंबर | शनिवार | शुक्ल चतुर्दशी | अश्विनी | |
| 14 नवंबर | रविवार | शुक्ल पूर्णिमा | भरणी | |
| 15 नवंबर | सोमवार | कृष्ण प्रतिपदा | कृत्तिका | |
| 16 नवंबर | मंगलवार | कृष्ण तृतीया | मृगशिरा | |
| 17 नवंबर | बुधवार | कृष्ण चतुर्थी | आर्द्रा | |
| 18 नवंबर | गुरुवार | कृष्ण पंचमी | पुनर्वसु | |
| 19 नवंबर | शुक्रवार | कृष्ण षष्ठी | पुष्य | |
| 20 नवंबर | शनिवार | कृष्ण सप्तमी | आश्लेषा | |
| 21 नवंबर | रविवार | कृष्ण अष्टमी | मघा | |
| 22 नवंबर | सोमवार | कृष्ण नवमी | पूर्वाफाल्गुनी | |
| 23 नवंबर | मंगलवार | कृष्ण दशमी | उत्तराफाल्गुनी | |
| 24 नवंबर | बुधवार | कृष्ण एकादशी | हस्त | |
| 25 नवंबर | गुरुवार | कृष्ण द्वादशी | चित्रा | |
| 26 नवंबर | शुक्रवार | कृष्ण त्रयोदशी | स्वाति | |
| 27 नवंबर | शनिवार | कृष्ण चतुर्दशी | विशाखा | |
| 28 नवंबर | रविवार | कृष्ण अमावस्या | अनुराधा | |
| 29 नवंबर | सोमवार | शुक्ल प्रतिपदा | ज्येष्ठा | |
| 30 नवंबर | मंगलवार | शुक्ल द्वितीया | मूल |
पंचांग पूरे देश के लिए सामान्य समय बताता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या नए काम की शुरुआत के लिए सही मुहूर्त आपकी कुंडली और शहर से तय होता है।
- विवाह और गृह प्रवेश मुहूर्त
- वाहन, संपत्ति खरीद और व्यापार आरंभ
- नामकरण, मुंडन और अन्य संस्कार







