सितंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, व्रत और त्योहार
सितंबर 2026 में हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद और आश्विन मास (पूर्णिमांत पद्धति) रहेगा। नीचे की तालिका में हर दिन की वह तिथि और नक्षत्र दिया गया है जो नई दिल्ली में सूर्योदय के समय चल रहा था। किसी भी तारीख पर क्लिक करके उस दिन का पूरा पंचांग, राहु काल, शुभ मुहूर्त और चौघड़िया देख सकते हैं।
सितंबर 2026: पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी का समय
सितंबर 2026: दिन-प्रतिदिन पंचांग
| तारीख | वार | तिथि (सूर्योदय) | नक्षत्र | व्रत / त्योहार |
|---|---|---|---|---|
| 1 सितंबर | मंगलवार | कृष्ण चतुर्थी | अश्विनी | |
| 2 सितंबर | बुधवार | कृष्ण पंचमी | भरणी | |
| 3 सितंबर | गुरुवार | कृष्ण सप्तमी | कृत्तिका | |
| 4 सितंबर | शुक्रवार | कृष्ण अष्टमी | रोहिणी | |
| 5 सितंबर | शनिवार | कृष्ण नवमी | मृगशिरा | |
| 6 सितंबर | रविवार | कृष्ण दशमी | आर्द्रा | |
| 7 सितंबर | सोमवार | कृष्ण एकादशी | पुनर्वसु | |
| 8 सितंबर | मंगलवार | कृष्ण द्वादशी | पुष्य | |
| 9 सितंबर | बुधवार | कृष्ण त्रयोदशी | आश्लेषा | |
| 10 सितंबर | गुरुवार | कृष्ण चतुर्दशी | मघा | |
| 11 सितंबर | शुक्रवार | कृष्ण अमावस्या | पूर्वाफाल्गुनी | |
| 12 सितंबर | शनिवार | शुक्ल प्रतिपदा | उत्तराफाल्गुनी | |
| 13 सितंबर | रविवार | शुक्ल द्वितीया | हस्त | |
| 14 सितंबर | सोमवार | शुक्ल तृतीया | चित्रा | |
| 15 सितंबर | मंगलवार | शुक्ल चतुर्थी | स्वाति | |
| 16 सितंबर | बुधवार | शुक्ल पंचमी | विशाखा | |
| 17 सितंबर | गुरुवार | शुक्ल षष्ठी | अनुराधा | |
| 18 सितंबर | शुक्रवार | शुक्ल सप्तमी | ज्येष्ठा | |
| 19 सितंबर | शनिवार | शुक्ल अष्टमी | मूल | |
| 20 सितंबर | रविवार | शुक्ल नवमी | पूर्वाषाढ़ा | |
| 21 सितंबर | सोमवार | शुक्ल दशमी | उत्तराषाढ़ा | |
| 22 सितंबर | मंगलवार | शुक्ल एकादशी | उत्तराषाढ़ा | |
| 23 सितंबर | बुधवार | शुक्ल द्वादशी | श्रवण | |
| 24 सितंबर | गुरुवार | शुक्ल त्रयोदशी | धनिष्ठा | |
| 25 सितंबर | शुक्रवार | शुक्ल चतुर्दशी | शतभिषा | |
| 26 सितंबर | शनिवार | शुक्ल पूर्णिमा | पूर्वाभाद्रपद | |
| 27 सितंबर | रविवार | कृष्ण प्रतिपदा | उत्तराभाद्रपद | |
| 28 सितंबर | सोमवार | कृष्ण द्वितीया | रेवती | |
| 29 सितंबर | मंगलवार | कृष्ण तृतीया | अश्विनी | |
| 30 सितंबर | बुधवार | कृष्ण चतुर्थी | भरणी |
पंचांग पूरे देश के लिए सामान्य समय बताता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या नए काम की शुरुआत के लिए सही मुहूर्त आपकी कुंडली और शहर से तय होता है।
- विवाह और गृह प्रवेश मुहूर्त
- वाहन, संपत्ति खरीद और व्यापार आरंभ
- नामकरण, मुंडन और अन्य संस्कार







