Vyas Astrology

Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी 2026 कब है? जानें पूजा का शुभ समय, पूजा विधि और विसर्जन तिथि

Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी 2026 कब है? जानें पूजा का शुभ समय, पूजा विधि और विसर्जन तिथि
By Pt. Jitendra Vyas | Sep-11-2026

Ganesh Chaturthi 2026: जानें गणेश चतुर्थी कब है, पूजा का शुभ समय क्या है, गणेश जी की पूजा कैसे करें और विसर्जन कब होगा।

Ganesh Chaturthi 2026: भगवान गणेश को हिंदू धर्म में प्रथम पूजनीय और विघ्नहर्ता माना जाता है। हर शुभ कार्य से पहले गणेश जी की पूजा करने की परंपरा है। हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन घरों और पंडालों में गणपति स्थापना कर भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है।

अगर आप भी जानना चाहते हैं कि गणेश चतुर्थी 2026 कब है, गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, पूजा की सही विधि क्या है और गणेश विसर्जन 2026 कब होगा, तो यहां आपको इससे जुड़ी पूरी जानकारी मिलेगी।

गणेश चतुर्थी 2026 कब है?

साल 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह शुरू होगी और 15 सितंबर की सुबह तक रहेगी।

गणेश चतुर्थी के दिन मध्याह्न काल में भगवान गणेश की पूजा और गणपति स्थापना करना विशेष शुभ माना जाता है।

गणेश चतुर्थी 2026 तिथी 

विवरण  

जानकारी  

गणेश चतुर्थी 2026 तिथि 

 14 सितंबर 2026, सोमवार 

चतुर्थी तिथि प्रारंभ 

14 सितंबर 2026, सुबह 7:06 बजे 

चतुर्थी तिथि समाप्त 

15 सितंबर 2026, सुबह 7:44 बजे 

गणेश स्थापना मुहूर्त 

मध्याह्न काल 

गणेश विसर्जन तिथि 

25 सितंबर 2026

अनंत चतुर्दशी 2026

25 सितंबर 2026, शुक्रवार 

गणेश चतुर्थी 2026 पूजा मुहूर्त

Ganesh Puja Muhurat 2026 में मध्याह्न काल को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए इस समय गणेश जी की पूजा करना शुभ माना जाता है।

पंचांग के अनुसार 14 सितंबर 2026 को गणेश पूजा का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक रहेगा।

इस तरह गणेश स्थापना मुहूर्त 2026 में भक्त शुभ समय पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा करें।

गणेश स्थापना 2026 कैसे करें?

गणेश चतुर्थी के दिन सबसे पहले घर की साफ-सफाई करें और पूजा स्थान को सजाएं। इसके बाद एक साफ चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।

शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें। प्रतिमा स्थापित करने के बाद भगवान गणेश का आह्वान करें और उन्हें जल या पंचामृत से स्नान कराएं।

इसके बाद गणेश जी को वस्त्र, जनेऊ, रोली, अक्षत, दूर्वा और फूल अर्पित करें। भगवान गणेश को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। धूप और दीप जलाकर गणेश मंत्र का जाप करें और अंत में आरती करें।

गणेश चतुर्थी पूजा विधि

गणेश चतुर्थी पूजा विधि बहुत सरल तरीके से की जा सकती है। पूजा के दौरान इन बातों का ध्यान रखें:

  1. सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें।
  2. पूजा स्थल की सफाई करें।
  3. चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
  4. शुभ मुहूर्त में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें।
  5. भगवान गणेश को जल और पंचामृत अर्पित करें।
  6. वस्त्र और जनेऊ चढ़ाएं।
  7. रोली और अक्षत अर्पित करें।
  8. दूर्वा और लाल फूल चढ़ाएं।
  9. मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
  10. धूप और दीप जलाकर मंत्रों का जाप करें।
  11. भगवान गणेश की आरती करें।
  12. परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद बांटें।

गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री

गणेश चतुर्थी  पूजा सामग्री पहले से तैयार कर लेने से पूजा के समय परेशानी नहीं होती। इसके लिए आप ये सामग्री रख सकते हैं:

  • भगवान गणेश की प्रतिमा
  • पूजा की चौकी
  • लाल या पीला कपड़ा
  • कलश
  • रोली
  • अक्षत
  • दूर्वा
  • लाल फूल
  • धूप और दीप
  • कपूर
  • पंचामृत
  • नारियल
  • सुपारी
  • पान
  • फल
  • मोदक या लड्डू
  • जनेऊ
  • दक्षिणा

गणेश जी को दूर्वा और मोदक क्यों चढ़ाते हैं?

गणेश पूजा में दूर्वा का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार दूर्वा भगवान गणेश को प्रिय है। इसलिए गणेश चतुर्थी के साथ-साथ नियमित गणेश पूजा में भी दूर्वा अर्पित की जाती है।

इसी तरह मोदक को गणपति बप्पा का प्रिय भोग माना जाता है। इसलिए गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी को मोदक, लड्डू या अन्य सात्विक प्रसाद चढ़ाने की परंपरा है।

गणेश चतुर्थी का धार्मिक महत्व

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। गणेश जी को बुद्धि, विवेक, शुभता और समृद्धि का देवता माना जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी की पूजा करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं और शुभ कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। इसी कारण किसी भी नए काम की शुरुआत से पहले गणेश जी का स्मरण और पूजन किया जाता है।

गणेश चतुर्थी पर भक्त घर में गणपति की स्थापना करके कई दिनों तक उनकी पूजा करते हैं। इस दौरान भजन, आरती और प्रसाद वितरण के साथ गणेशोत्सव मनाया जाता है।

गणेश विसर्जन 2026 कब है?

गणेश विसर्जन 2026 की मुख्य तिथि 25 सितंबर 2026, शुक्रवार है। इसी दिन अनंत चतुर्दशी 2026 भी मनाई जाएगी और 10 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन होगा।

हालांकि गणेश विसर्जन केवल अनंत चतुर्दशी के दिन ही किया जाए, ऐसा जरूरी नहीं है। कई भक्त अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन या 7 दिन बाद भी गणेश जी का विसर्जन करते हैं।

गणेश विसर्जन की पूजा विधि

गणेश विसर्जन से पहले भगवान गणेश की अंतिम पूजा करें। उन्हें फूल, दूर्वा और भोग अर्पित करें। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य गणेश जी की आरती करें।

भगवान गणेश से सुख-शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें। इसके बाद श्रद्धा और सम्मान के साथ गणपति की प्रतिमा को विसर्जन स्थल तक ले जाएं।

पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से बनी ईको -फ्रेंडली गणेश मूर्ति का उपयोग करे। विसर्जन के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान और नियमों का पालन करें।

गणेश चतुर्थी 2026 पर चंद्र दर्शन से क्यों बचते हैं?

गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को लेकर धार्मिक मान्यता प्रचलित है। पंचांग में इस दिन एक निश्चित अवधि के दौरान चंद्रमा को देखने से बचने की सलाह दी जाती है।

पंचांग के अनुसार 14 सितंबर 2026 को चंद्र दर्शन से बचने का समय लगभग सुबह 8:43 बजे से रात 8:26 बजे तक का है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन चंद्र दर्शन करने पर व्यक्ति पर मिथ्या कलंक लगने की आशंका से जुड़ी कथा प्रचलित है। इसी कारण भक्त इस अवधि में चंद्रमा देखने से बचते हैं।

निष्कर्ष:

Ganesh Chaturthi 2026 का पर्व 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त में गणपति स्थापना करके भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। गणेश पूजा का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक रहेगा।

वहीं गणेश विसर्जन 2026 की मुख्य तिथि 25 सितंबर, शुक्रवार है, जो अनंत चतुर्दशी का दिन भी है। हालांकि भक्त अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार इससे पहले भी गणेश विसर्जन कर सकते हैं।

गणपति बप्पा की पूजा श्रद्धा और भक्ति के साथ करें तथा विसर्जन के दौरान पर्यावरण का भी ध्यान रखें।

गणपति बप्पा मोरया!

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

गणेश चतुर्थी 2026 कब है? +

गणेश चतुर्थी 2026 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जाएगी।

गणेश चतुर्थी 2026 की चतुर्थी तिथि कब शुरू होगी? +

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह शुरू होकर 15 सितंबर की सुबह तक रहेगी।

गणेश स्थापना मुहुर्त 2026 क्या है? +

14 सितंबर को गणेश पूजा का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक है।

गणेश विसर्जन 2026 कब होगा? +

गणेश विसर्जन 2026 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा।

क्या गणेश जी की स्थापना के बाद उसी दिन विसर्जन करना जरूरी है? +

नहीं। भक्त अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, 3, 5, 7 या 10 दिन बाद गणेश विसर्जन कर सकते हैं।

Talk to an Expert Astrologer Today - Get your Kundali reading, Vastu consultation, or personalized guidance.

🎉

Appointment Booked!

Appointment booked successfully!
We will contact you shortly.

Book an Appointment

+91

हाल के रील्स और शॉर्ट्स