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✨ Choti Diwali/Narak Chaturdashi 2026

छोटी दिवाली/नरक चतुर्दशी 2026 (Choti Diwali/Narak Chaturdashi 2026): तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

08 नवम्बर 2026, रविवार
लेखक: Pt. Jitendra Vyas · अपडेटेड: 15 अक्टूबर 2026
छोटी दिवाली/नरक चतुर्दशी 2026
तारीख
08 नव. 2026
तिथि
कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी
शुभ मुहूर्त
सुबह 05:34 बजे - सुबह 06:40 बजे

छोटी दिवाली/नरक चतुर्दशी 2026 का महत्व

नरक चतुर्दशी 2026 का शुभ मुहूर्त
● चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 7 नवंबर 2026 को सुबह 10:48 बजे
● चतुर्दशी तिथि समाप्त: 8 नवंबर 2026 को सुबह 11:28 बजे
● अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त: 8 नवंबर 2026 को सुबह 05:34 बजे से सुबह 06:40 बजे तक
● अभ्यंग स्नान की अवधि: लगभग 1 घंटा 6 मिनट
● सूर्योदय: 8 नवंबर 2026 को सुबह 06:40 बजे
● सूर्यास्त: 8 नवंबर 2026 को शाम 05:41 बजे

नरक चतुर्दशी पर काली चौदस और हनुमान पूजा
काली चौदस की परंपरा विशेष रूप से गुजरात और पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों में प्रचलित है। काली चौदस और हनुमान पूजा शनिवार, 7 नवंबर 2026 की रात को होगी।

अभ्यंग स्नान का महत्व
नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पहले सुगंधित तेल लगाकर स्नान करने की परंपरा है। इसे अभ्यंग स्नान कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह स्नान नकारात्मकता से मुक्ति और शुभता का प्रतीक है। कुछ परंपराओं में इसे नरक की यातनाओं से मुक्ति की कामना से भी जोड़ा जाता है।

यम दीपदान का महत्व
नरक चतुर्दशी की शाम को यमराज के नाम का दीपक जलाने की परंपरा है। कई परिवारों में यह दीपक दक्षिण दिशा में रखा जाता है। यम दीपदान परिवार के सदस्यों की मंगलकामना और अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना का प्रतीक है।

नरक चतुर्दशी क्यों मनाई जाती है?
नरक चतुर्दशी का संबंध भगवान श्रीकृष्ण और नरकासुर की पौराणिक कथा से है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नरकासुर के अत्याचारों से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने उसका वध किया था। इस घटना को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है।
इस दिन अभ्यंग स्नान करने और दीपक जलाने की परंपरा भी है। कई परिवार नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली के रूप में मनाते हैं और दीपावली की तैयारी करते हैं।

छोटी दिवाली/नरक चतुर्दशी 2026 पूजा विधि

1 सुबह जल्दी उठें: अपने शहर के पंचांग के अनुसार अभ्यंग स्नान के समय का ध्यान रखें।
2 अभ्यंग स्नान करें: पारंपरिक रीति के अनुसार स्नान से पहले तिल के तेल का उपयोग किया जाता है। त्वचा की संवेदनशीलता होने पर सावधानी रखें।
3 स्वच्छ वस्त्र पहनें: स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा स्थल तैयार करें।
4 भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करें: भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें और नरकासुर वध की कथा का स्मरण करें।
5 दीपक जलाएँ: शाम को घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर दीपक जलाएँ।
6 आरती करें: अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार आरती और प्रार्थना करें।
7 दान-पुण्य करें: अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता करें।

छोटी दिवाली/नरक चतुर्दशी की व्रत कथा

पौराणिक मान्यता के अनुसार, नरकासुर एक शक्तिशाली असुर था, जिसने अनेक लोगों को बंदी बना रखा था और अपने अत्याचारों से सबको परेशान कर दिया था। लोगों को उसके अत्याचारों से मुक्त कराने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने उसके विरुद्ध युद्ध किया।

सत्यभामा भी इस युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। युद्ध के दौरान नरकासुर का वध हुआ और उसके बंधन में कैद लोगों को मुक्ति मिली। इस विजय को अधर्म पर धर्म की जीत के रूप में देखा जाता है।

इसी घटना की स्मृति में नरक चतुर्दशी मनाने की परंपरा प्रचलित हुई। यह कथा संदेश देती है कि अहंकार और अत्याचार चाहे कितने भी शक्तिशाली हों, अंततः सत्य और धर्म का महत्व बना रहता है।

छोटी दिवाली/नरक चतुर्दशी 2026: राशि अनुसार प्रभाव

किसी विशेष राशि के लिए नरक चतुर्दशी को अधिक शुभ बताने के लिए उस दिन की ग्रह स्थिति और संबंधित ज्योतिषीय गणना की पुष्टि जरूरी है। इस दिन सभी राशियों के लोग अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए ये संकल्प ले सकते हैं:
मेष और सिंह राशि: क्रोध पर नियंत्रण रखने और सोच-समझकर निर्णय लेने का संकल्प लें।
वृषभ और तुला राशि: घर में सुख-शांति बनाए रखने और रिश्तों को समय देने पर ध्यान दें।
कर्क और मीन राशि: मानसिक शांति और परिवार के साथ अच्छे संबंधों को प्राथमिकता दें।
कन्या और मकर राशि: अपनी दिनचर्या व्यवस्थित करने और अधूरे काम पूरे करने पर ध्यान दें।

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छोटी दिवाली/नरक चतुर्दशी 2026 के शुभ उपाय

- अभ्यंग स्नान करें: पारिवारिक परंपरा के अनुसार सूर्योदय से पहले स्नान करें।
- भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करें: नरकासुर पर विजय की कथा से धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा लें।
- घर में दीपक जलाएँ: शाम को पूजा स्थल और मुख्य द्वार पर दीप जलाने की परंपरा निभाएँ।
- दान-पुण्य करें: अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता करें।
- घर की सफाई रखें: घर को साफ-सुथरा रखकर दीपावली के स्वागत की तैयारी करें।
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छोटी दिवाली/नरक चतुर्दशी 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

नरक चतुर्दशी 2026 में कब है? +

नरक चतुर्दशी 2026 भारत के अधिकांश हिस्सों में रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी।

नरक चतुर्दशी 2026 पर अभ्यंग स्नान का मुहूर्त क्या है? +

अभ्यंग स्नान का मुहूर्त सुबह 05:40 बजे से 06:37 बजे तक है।

नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली क्यों कहा जाता है? +

नरक चतुर्दशी दीपावली के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन दीपक जलाने और घर सजाने की परंपरा के कारण इसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है।

नरक चतुर्दशी पर किसकी पूजा की जाती है? +

इस दिन भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण और पूजन किया जाता है। साथ ही अभ्यंग स्नान, दीपदान और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाते हैं।
Pt. Jitendra Vyas
लेखक
Pt. Jitendra Vyas
Expert Vedic Astrologer & Vastu Consultant

Pt. Jitendra Vyas 1955 से चली आ रही वैदिक ज्योतिष परंपरा के वाहक और वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने हज़ारों लोगों को करियर, विवाह और स्वास्थ्य जैसे जीवन के मामलों में मार्गदर्शन दिया है।

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