Vyas Astrology

Vishwakarma Puja 2026: विश्वकर्मा पूजा कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और महत्व

Vishwakarma Puja 2026: विश्वकर्मा पूजा कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और महत्व
By Pt. Jitendra Vyas | Sep-15-2026

Vishwakarma Puja 2026: विश्वकर्मा पूजा 2026 की तारीख और शुभ मुहूर्त जानें। साथ ही पढ़ें पूजा विधि, भगवान विश्वकर्मा के प्रमुख मंत्र और धार्मिक महत्व।

Vishwakarma Puja 2026: हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के दिव्य शिल्पकार, वास्तुकार और निर्माण कला के देवता के रूप में पूजा जाता है। भगवान विश्वकर्मा को वास्तुकला, शिल्पकला, निर्माण और तकनीकी कौशल से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि विश्वकर्मा पूजा के दिन कारखानों, दुकानों, ऑफिस, वर्कशॉप और अन्य कार्यस्थलों पर मशीनों, औजारों और उपकरणों की विशेष पूजा की जाती है।

साल 2026 में Vishwakarma Puja कब मनाई जाएगी? पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? भगवान विश्वकर्मा की पूजा कैसे करें और कौन-सा मंत्र पढ़ें? आइए जानते हैं विश्वकर्मा पूजा 2026 की तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और धार्मिक महत्व के बारे में।

विश्वकर्मा पूजा 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। यह दिन कन्या संक्रांति के साथ पड़ता है। कन्या संक्रांति के दिन सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करते हैं।

पंचांग के अनुसार 17 सितंबर 2026 को कन्या संक्रांति का क्षण सुबह 7:58 बजे है और इसी दिन विश्वकर्मा पूजा मनाई जाएगी।

विश्वकर्मा पूजा 2026 तिथि:

  • विश्वकर्मा पूजा: 17 सितंबर 2026, गुरुवार
  • कन्या संक्रांति: 17 सितंबर 2026
  • संक्रांति का क्षण: सुबह 7:58 बजे
  • पर्व: विश्वकर्मा Pujaपूजा / विश्वकर्मा जयंती 

विश्वकर्मा पूजा 2026 शुभ मुहूर्त

कन्या संक्रांति का क्षण 17 सितंबर 2026 को सुबह 7:58 बजे है। पंचांग के अनुसार कन्या संक्रांति का पुण्य काल सुबह 7:58 बजे से दोपहर 2:31 बजे तक और महापुण्य काल सुबह 7:58 बजे से 10:01 बजे तक है।

विश्वकर्मा पूजा क्यों मनाई जाती है?

भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के दिव्य वास्तुकार और शिल्पकार के रूप में माना गया है। उन्हें निर्माण, वास्तुकला, शिल्प और तकनीकी कौशल का संरक्षक देवता माना जाता है।

मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा ने देवताओं के लिए कई दिव्य भवनों और अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण किया। विभिन्न धार्मिक परंपराओं में द्वारका, इंद्रप्रस्थ और स्वर्गलोक जैसी दिव्य नगरी एवं भवनों के निर्माण का श्रेय भी भगवान विश्वकर्मा को दिया गया है।

इसी कारण विश्वकर्मा पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है जो मशीन, निर्माण, तकनीक, शिल्प, इंजीनियरिंग और व्यापार से जुड़े हैं।

विश्वकर्मा पूजा का महत्व

विश्वकर्मा पूजा केवल धार्मिक पर्व ही नहीं है, बल्कि यह श्रम, हुनर, तकनीक और रचनात्मकता के सम्मान का प्रतीक भी मानी जाती है।

इस दिन लोग अपने कार्यस्थल, मशीनों और औजारों की साफ-सफाई करते हैं और उनकी पूजा करते हैं। फैक्ट्री, वर्कशॉप, गैराज, दुकान और ऑफिस में भी भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करके पूजा की जाती है।

भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से कार्य में सफलता, उन्नति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

विश्वकर्मा पूजा किन लोगों के लिए खास है?

विश्वकर्मा पूजा विशेष रूप से इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है:

  • इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ
  • कारीगर और शिल्पकार
  • बढ़ई और लोहार
  • मैकेनिक
  • फैक्ट्री और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी
  • मशीनरी का काम करने वाले लोग
  • निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोग
  • दुकानदार और व्यापारी
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी उपकरणों से जुड़े लोग

विश्वकर्मा पूजा 2026 पूजा विधि

विश्वकर्मा पूजा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा स्थल तथा कार्यस्थल की अच्छी तरह सफाई करें।

  1. पूजा स्थल की सफाई करें
    सबसे पहले घर, दुकान, ऑफिस, फैक्ट्री या वर्कशॉप के पूजा स्थान को साफ करें।
  2. भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर स्थापित करें
    एक साफ चौकी पर कपड़ा बिछाकर भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
  3. दीपक और धूप जलाएं
    भगवान के सामने दीपक और धूप जलाकर पूजा का शुभारंभ करें।
  4. भगवान को पूजा सामग्री अर्पित करें
    रोली, अक्षत, चंदन, फूल और फल आदि अर्पित करें।
  5. मशीन और औजारों की पूजा करें
    काम में इस्तेमाल होने वाली मशीनों, औजारों, उपकरणों और वाहनों को साफ करके उन पर तिलक लगाएं।
  6. मंत्र का जाप करें
    भगवान विश्वकर्मा के मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
  7. भोग लगाएं
    भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं।
  8. आरती करें
    अंत में भगवान विश्वकर्मा की आरती करें और अपने काम में सफलता व उन्नति की प्रार्थना करें।

भगवान विश्वकर्मा का मंत्र

भगवान विश्वकर्मा की पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। श्रद्धा के साथ मंत्र जाप करने से मन को शांति मिलती है और कार्य में सफलता एवं उन्नति की कामना की जाती है।

  1. मूल मंत्र
    ॐ विश्वकर्मणे नमः।
    यह भगवान विश्वकर्मा का सरल और प्रमुख मंत्र माना जाता है।
  2. बीज मंत्र
    ॐ ह्रीं विश्वकर्मणे नमः।
  3. विश्वकर्मा गायत्री मंत्र
    ॐ चतुर्भुजाय विद्महे, हंसवाहनाय धीमहि, तन्नो विश्वकर्मा प्रचोदयात्।

विश्वकर्मा पूजा के दिन अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार इन मंत्रों का जाप किया जा सकता है।

विश्वकर्मा पूजा में किन चीजों की पूजा की जाती है?

विश्वकर्मा पूजा के दिन काम से जुड़ी वस्तुओं की पूजा करने की परंपरा है। इसमें मुख्य रूप से:

  • मशीनें
  • औजार
  • वाहन
  • कंप्यूटर
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
  • निर्माण सामग्री
  • फैक्ट्री की मशीनरी
  • वर्कशॉप के उपकरण

आदि शामिल किए जाते हैं। कई औद्योगिक संस्थानों और वर्कशॉप में इस दिन मशीनों की विशेष साफ-सफाई करके उन्हें फूलों से सजाया जाता है और भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है।

विश्वकर्मा पूजा के दिन क्या करें?

विश्वकर्मा पूजा के दिन अपने कार्यस्थल और उपकरणों की साफ-सफाई करना शुभ माना जाता है। भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने के साथ अपने काम के प्रति ईमानदारी और मेहनत का संकल्प भी लिया जा सकता है।

जरूरतमंद लोगों की मदद करना और अपनी क्षमता के अनुसार दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है।

विश्वकर्मा पूजा के दिन क्या नहीं करना चाहिए?

विश्वकर्मा पूजा के दिन कार्यस्थल पर गंदगी नहीं रखनी चाहिए। मशीनों और औजारों का सम्मानपूर्वक उपयोग करना चाहिए। पूजा के दौरान जल्दबाजी करने के बजाय श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करना बेहतर माना जाता है।

क्या विश्वकर्मा पूजा पर मशीनों की पूजा की जाती है?

हाँ। विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों, औजारों और काम में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की साफ-सफाई करके उनकी पूजा करने की परंपरा है। यही कारण है कि फैक्ट्रियों, वर्कशॉप, गैराज और औद्योगिक संस्थानों में यह पर्व विशेष रूप से मनाया जाता है।

क्या घर पर विश्वकर्मा पूजा कर सकते हैं?

हाँ, घर पर भी भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा रखकर सरल तरीके से पूजा की जा सकती है। यदि घर में कंप्यूटर, सिलाई मशीन, वाहन या अन्य काम के उपकरण हैं तो उनकी भी साफ-सफाई करके पूजा में शामिल किया जा सकता है।

निष्कर्ष:

Vishwakarma Puja 2026 17 सितंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान विश्वकर्मा की पूजा के साथ-साथ मेहनत, हुनर, तकनीक और निर्माण कार्य के सम्मान का संदेश देता है। इस दिन कारखानों, दुकानों, ऑफिस और वर्कशॉप में मशीनों, औजारों और अन्य उपकरणों की पूजा की जाती है।

भगवान विश्वकर्मा की आराधना करने से कार्य में सफलता और उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

विश्वकर्मा पूजा 2026 कब है? +

विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी।

Vishwakarma Puja 2026 का शुभ मुहूर्त क्या है? +

कन्या संक्रांति का क्षण सुबह 7:58 बजे है।

विश्वकर्मा पूजा में क्या चढ़ाया जाता है? +

फूल, अक्षत, रोली, चंदन, फल और मिठाई आदि चढ़ाई जाती है।

विश्वकर्मा पूजा में किन चीजों की पूजा होती है? +

मशीन, औजार, वाहन, कंप्यूटर और कार्यस्थल के उपकरणों की पूजा की जाती है।

क्या घर पर विश्वकर्मा पूजा कर सकते हैं? +

हाँ, घर पर भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा रखकर पूजा कर सकते हैं।

Talk to an Expert Astrologer Today - Get your Kundali reading, Vastu consultation, or personalized guidance.

🎉

Appointment Booked!

Appointment booked successfully!
We will contact you shortly.

Book an Appointment

+91

हाल के रील्स और शॉर्ट्स