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दिवाली 2026 (Diwali 2026): तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

08 नवम्बर 2026, रविवार
लेखक: Pt. Jitendra Vyas · अपडेटेड: 16 अक्टूबर 2026
दिवाली 2026
तारीख
08 नव. 2026
तिथि
कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष की अमावस्या
शुभ मुहूर्त
शाम 05:54 बजे - शाम 07:50 बजे

दिवाली 2026 का महत्व

लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
● तारीख: रविवार, 8 नवंबर 2026
● लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 05:54 बजे से शाम 07:50 बजे तक
● प्रदोष काल: शाम 05:31 बजे से रात 08:09 बजे तक
● वृषभ काल (स्थिर लग्न): शाम 05:54 बजे से शाम 07:50 बजे तक

दीपावली क्यों मनाई जाती है?
दीपावली मनाने के पीछे कई धार्मिक और पौराणिक मान्यताएँ हैं। उत्तर भारत में इसे मुख्य रूप से भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी से जोड़ा जाता है। इसके अलावा, इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की भी विशेष परंपरा है।

भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी
रामायण की प्रचलित कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण का वध करने के बाद माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या वापसी की थी। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने दीप जलाए और पूरे नगर को रोशनी से सजाया। इसी घटना की स्मृति में दीपावली पर दीप जलाने की परंपरा निभाई जाती है।

माता लक्ष्मी की पूजा का महत्व
माता लक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है। दीपावली की रात उनकी पूजा करके परिवार में सुख-शांति, आर्थिक स्थिरता और खुशहाली की कामना की जाती है।

भगवान गणेश की पूजा क्यों होती है?
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभ कार्यों का आरंभ करने वाला देवता माना जाता है। इसलिए दीपावली पर माता लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा भी की जाती है, ताकि जीवन में शुभता बनी रहे।

दीप जलाने का महत्व
दीपावली पर घर के मुख्य द्वार, आँगन और पूजा स्थल पर दीपक जलाए जाते हैं। दीपक अंधकार पर प्रकाश और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक माना जाता है।

दिवाली 2026 पूजा विधि

1 दिवाली 2026 की पूजा विधि
2 दीपावली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा घर में सरल तरीके से की जा सकती है। पूजा के दौरान स्वच्छता, श्रद्धा और पारिवारिक परंपराओं का ध्यान रखें।
3 घर की सफाई करें: दीपावली से पहले घर और पूजा स्थल को साफ करें। मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएँ और घर को दीपों से सजाएँ।
4 पूजा की तैयारी करें: चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। अपनी परंपरा के अनुसार माता सरस्वती को भी पूजा में शामिल कर सकते हैं।
5 दीपक जलाएँ: पूजा स्थल पर दीपक जलाएँ और भगवान गणेश का स्मरण करके पूजा आरंभ करें।
6 भगवान गणेश की पूजा करें: उन्हें रोली, चंदन, अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें। पूजा निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना करें।
7 माता लक्ष्मी का पूजन करें: माता लक्ष्मी को फूल, अक्षत, धूप, दीप और मिठाई अर्पित करें। परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करें।
8 धन और बही-खातों की पूजा करें: व्यापारी अपनी परंपरा के अनुसार बही-खातों, तिजोरी या कार्यस्थल पर पूजा कर सकते हैं।
9 लक्ष्मी-गणेश आरती करें: पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद अर्पित करके परिवार के सदस्यों में बाँटें।
10 दीपदान करें: घर के मुख्य द्वार और सुरक्षित स्थानों पर दीपक जलाएँ। दीयों को पर्दों, कागज और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।

दिवाली की व्रत कथा

भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की कथा
रामायण के अनुसार, भगवान श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मिला था। वनवास के दौरान रावण ने माता सीता का हरण कर लिया। इसके बाद भगवान श्रीराम ने वानर सेना की सहायता से लंका पर चढ़ाई की और रावण का वध करके माता सीता को मुक्त कराया।
वनवास की अवधि पूरी होने के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटे। उनके आगमन की खुशी में अयोध्या के लोगों ने दीप जलाकर नगर को रोशन किया। इसी परंपरा को दीपावली से जोड़कर देखा जाता है।
यह कथा धर्म, सत्य और न्याय की विजय का संदेश देती है। दीपावली पर दीप जलाना केवल सजावट नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मकता और आशा का प्रतीक भी माना जाता है।
समुद्र मंथन और माता लक्ष्मी की कथा
एक अन्य धार्मिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान माता लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। उन्हें धन, सौभाग्य और समृद्धि की देवी माना जाता है। इसी कारण दीपावली पर माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है। भक्त उनसे परिवार की खुशहाली, सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

दिवाली 2026: राशि अनुसार प्रभाव

दिवाली 2026 के आसपास होने वाले ग्रह गोचर कुछ राशियों के लिए महत्वपूर्ण माने गए हैं।
● वृषभ राशि: करियर और आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने का समय रहेगा।
● मिथुन राशि: नए अवसरों और व्यावसायिक योजनाओं पर विचार कर सकते हैं।
● सिंह राशि: करियर की जिम्मेदारियों और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देना उपयोगी रहेगा।
● तुला राशि: आर्थिक संतुलन और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों पर ध्यान दें।
● धनु राशि: करियर और कारोबार में आगे बढ़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास करें।

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दिवाली 2026 के शुभ उपाय

दीपावली पर अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार ये उपाय किए जा सकते हैं:
- माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें: परिवार में सुख-समृद्धि और शुभता की कामना करें।
- घर में दीपक जलाएँ: शाम को पूजा स्थल और मुख्य द्वार पर दीपक जलाने की परंपरा निभाएँ।
- स्वच्छता बनाए रखें: घर को साफ-सुथरा रखें और पूजा स्थल को व्यवस्थित करें।
- जरूरतमंदों की सहायता करें: अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या जरूरी सामग्री दान करें।
- धन के सदुपयोग का संकल्प लें: अनावश्यक खर्चों से बचें और भविष्य के लिए बचत की योजना बनाएँ।
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दिवाली 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

दिवाली 2026 में कब है? +

दीपावली 2026 में रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी। यह कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को पड़ती है।

दिवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? +

पंचांग के अनुसार, लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:54 बजे से शाम 07:50 बजे तक है।

दीपावली पर किन देवी-देवताओं की पूजा की जाती है? +

दीपावली पर मुख्य रूप से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

दीपावली पर दीपक क्यों जलाए जाते हैं? +

भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में लोगों ने दीप जलाए थे। इसी परंपरा की स्मृति में दीपावली पर घरों और पूजा स्थलों को दीपों से सजाया जाता है।
Pt. Jitendra Vyas
लेखक
Pt. Jitendra Vyas
Expert Vedic Astrologer & Vastu Consultant

Pt. Jitendra Vyas 1955 से चली आ रही वैदिक ज्योतिष परंपरा के वाहक और वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने हज़ारों लोगों को करियर, विवाह और स्वास्थ्य जैसे जीवन के मामलों में मार्गदर्शन दिया है।

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