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🕉️ नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार

21 जनवरी 2028 का पंचांग, शुक्रवार

कृष्ण पक्ष दशमी • अनुराधा नक्षत्र • गण्ड योग
लेखक: Pt. Jitendra Vyas · अपडेटेड: 23 अक्टूबर 2026
21 जनवरी 2028 का पंचांग, शुक्रवार
तिथि
कृष्ण पक्ष दशमी
नक्षत्र
अनुराधा
योग
गण्ड
राहु काल
सुबह 11:12 से दोपहर 12:32 तक

21 जनवरी 2028 का पंचांग: संक्षेप में

इस दिन 21 जनवरी 2028, शुक्रवार को माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमांत) मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 12:17 तक है, इसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। अनुराधा नक्षत्र सुबह 7:34 (22 जनवरी) तक रहेगा। योग गण्ड है और पहला करण विष्टि (भद्रा) है। चंद्रमा पूरे दिन वृश्चिक राशि में रहेगा और सूर्य मकर राशि में है। नई दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:13 और सूर्यास्त शाम 5:50 पर होगा। राहु काल सुबह 11:12 से दोपहर 12:32 तक है, इस समय किसी नए या शुभ काम की शुरुआत न करें। दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 से दोपहर 12:53 तक है। भद्रा रात 12:06 से दोपहर 12:17 तक रहेगी, भद्रा में शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।

पंचांग के पांच अंग

तिथिदशमी — दोपहर 12:17 तक, फिर एकादशी
नक्षत्रअनुराधा — सुबह 7:34 (22 जनवरी) तक (चरण 1)
योगगण्ड — दोपहर 12:53 तक, फिर वृद्धि
करणविष्टि (भद्रा) — दोपहर 12:17 तक, फिर बव — रात 12:37 (22 जनवरी) तक, फिर बालव
वारशुक्रवार
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 7:13
सूर्यास्तशाम 5:50
चंद्रोदयरात 2:46
चंद्रास्तदोपहर 1:13
चंद्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमकर
सूर्य नक्षत्रउत्तराषाढ़ा
दिनमान10 घंटे 37 मिनट

हिंदू मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)पौष
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
ऋतुहेमंत
दिशा शूलपश्चिम

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्तसुबह 5:26 से सुबह 6:20 तक
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:11 से दोपहर 12:53 तक

अशुभ समय

राहु कालसुबह 11:12 से दोपहर 12:32 तक
यमगंडदोपहर 3:11 से शाम 4:31 तक
गुलिक कालसुबह 8:33 से सुबह 9:53 तक
भद्रारात 12:06 से दोपहर 12:17 तक

21 जनवरी 2028 का चौघड़िया

दिन का चौघड़िया
चरसुबह 7:13 – सुबह 8:33सामान्य
लाभसुबह 8:33 – सुबह 9:53शुभ
अमृतसुबह 9:53 – सुबह 11:12शुभ
कालसुबह 11:12 – दोपहर 12:32अशुभ
शुभदोपहर 12:32 – दोपहर 1:52शुभ
रोगदोपहर 1:52 – दोपहर 3:11अशुभ
उद्वेगदोपहर 3:11 – शाम 4:31अशुभ
चरशाम 4:31 – शाम 5:50सामान्य
रात का चौघड़िया
रोगशाम 5:50 – रात 7:31अशुभ
कालरात 7:31 – रात 9:11अशुभ
लाभरात 9:11 – रात 10:51शुभ
उद्वेगरात 10:51 – रात 12:32 (22 जनवरी)अशुभ
शुभरात 12:32 (22 जनवरी) – रात 2:12 (22 जनवरी)शुभ
अमृतरात 2:12 (22 जनवरी) – रात 3:52 (22 जनवरी)शुभ
चररात 3:52 (22 जनवरी) – सुबह 5:33 (22 जनवरी)सामान्य
रोगसुबह 5:33 (22 जनवरी) – सुबह 7:13 (22 जनवरी)अशुभ
अपनी कुंडली के अनुसार शुभ मुहूर्त जानें

पंचांग पूरे देश के लिए सामान्य समय बताता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या नए काम की शुरुआत के लिए सही मुहूर्त आपकी कुंडली और शहर से तय होता है।

  • विवाह और गृह प्रवेश मुहूर्त
  • वाहन, संपत्ति खरीद और व्यापार आरंभ
  • नामकरण, मुंडन और अन्य संस्कार

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पंचांग क्या है और इसे कैसे पढ़ें?

पंचांग हिंदू कालगणना की वह पद्धति है जिससे किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय जाना जाता है। "पंचांग" का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, वाहन खरीद, यात्रा या किसी नए काम की शुरुआत से पहले इन्हीं पांच अंगों को देखकर मुहूर्त तय किया जाता है। व्रत और त्योहारों की तारीख भी पंचांग की तिथि से ही निकलती है।

पंचांग के पांच अंगों का अर्थ

  • तिथि: सूर्य और चंद्रमा के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि होती है। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं: 15 शुक्ल पक्ष में (अमावस्या के बाद से पूर्णिमा तक) और 15 कृष्ण पक्ष में।
  • वार: सप्ताह का दिन। पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है, आधी रात से नहीं।
  • नक्षत्र: आकाश को 27 बराबर भागों में बांटा गया है। चंद्रमा जिस भाग में होता है, वही उस समय का नक्षत्र है। हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं।
  • योग: सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को जोड़कर 27 योग बनते हैं, जैसे प्रीति, सिद्धि, शुभ। व्यतीपात और वैधृति जैसे कुछ योग शुभ कामों के लिए टाले जाते हैं।
  • करण: तिथि का आधा भाग करण कहलाता है, इसलिए एक तिथि में दो करण होते हैं। कुल 11 करण हैं, जिनमें विष्टि करण को भद्रा कहते हैं।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है। वार के अनुसार इनमें से एक भाग राहु काल, एक यमगंड और एक गुलिक काल होता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है, लेकिन मौसम के साथ दिन छोटा-बड़ा होने पर यह समय बदलता रहता है। राहु काल में नया काम, खरीदारी या यात्रा शुरू न करने की परंपरा है।

चौघड़िया कैसे देखें

चौघड़िया में दिन और रात दोनों को आठ-आठ भागों में बांटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं। चर चौघड़िया सामान्य है और यात्रा के लिए ठीक माना जाता है। उद्वेग, रोग और काल चौघड़िया में शुभ काम टाले जाते हैं। जल्दी में कोई काम करना हो तो लोग अक्सर चौघड़िया देखकर ही समय चुनते हैं।

अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

दिन के 15 मुहूर्तों में आठवां मुहूर्त अभिजीत कहलाता है, जो दोपहर के आसपास लगभग 45-50 मिनट का होता है। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जो पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

यह पंचांग कैसे तैयार होता है

इस पेज का पंचांग खगोलीय गणना से तैयार किया जाता है। ग्रहों की स्थिति लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से निकाली गई है और सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय के आधार पर भारतीय समय (IST) में दिए गए हैं। आपके शहर में सूर्योदय, राहु काल और चौघड़िया का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। विवाह जैसे बड़े मुहूर्त के लिए अपनी कुंडली के अनुसार पंडित जी से सलाह जरूर लें।

21 जनवरी 2028 का पंचांग: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस दिन कौन सी तिथि है?

+
इस दिन (21 जनवरी 2028) कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि दोपहर 12:17 तक है, उसके बाद एकादशी तिथि लगेगी।

इस दिन राहु काल कब है?

+
नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार इस दिन (शुक्रवार) राहु काल सुबह 11:12 से दोपहर 12:32 तक है। आपके शहर में यह समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

इस दिन का शुभ मुहूर्त क्या है?

+
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 से दोपहर 12:53 तक है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:26 से सुबह 6:20 तक है। दिन में शुभ चौघड़िया: लाभ (सुबह 8:33 – सुबह 9:53), अमृत (सुबह 9:53 – सुबह 11:12), शुभ (दोपहर 12:32 – दोपहर 1:52)।

इस दिन कौन सा नक्षत्र है?

+
इस दिन अनुराधा नक्षत्र सुबह 7:34 (22 जनवरी) तक है।

इस दिन चंद्रमा किस राशि में है?

+
इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में है। चंद्रमा की राशि से ही दैनिक राशिफल तय होता है।

पंचांग के पांच अंग कौन से हैं?

+
पंचांग के पांच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। इन्हीं पांचों से किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय और मुहूर्त निकाला जाता है।
Pt. Jitendra Vyas
लेखक
Pt. Jitendra Vyas
Expert Vedic Astrologer & Vastu Consultant

Pt. Jitendra Vyas 1955 से चली आ रही वैदिक ज्योतिष परंपरा के वाहक और वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने हज़ारों लोगों को करियर, विवाह और स्वास्थ्य जैसे जीवन के मामलों में मार्गदर्शन दिया है।

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