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28 अगस्त 2028 का पंचांग, सोमवार

शुक्ल पक्ष नवमी • ज्येष्ठा नक्षत्र • विष्कुम्भ योग
लेखक: Pt. Jitendra Vyas · अपडेटेड: 27 अक्टूबर 2026
28 अगस्त 2028 का पंचांग, सोमवार
तिथि
शुक्ल पक्ष नवमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
योग
विष्कुम्भ
राहु काल
सुबह 7:33 से सुबह 9:09 तक

28 अगस्त 2028 को कौन सी तिथि है?

इस दिन (28 अगस्त 2028) शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शाम 6:50 तक है, उसके बाद दशमी तिथि लगेगी।

28 August 2028 ko kaun si tithi hai: शुक्ल पक्ष नवमी (सोमवार).

28 अगस्त 2028 का पंचांग: संक्षेप में

इस दिन 28 अगस्त 2028, सोमवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शाम 6:50 तक है, इसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी। ज्येष्ठा नक्षत्र रात 7:46 तक रहेगा, फिर मूल नक्षत्र लगेगा। योग विष्कुम्भ है और पहला करण बालव है। चंद्रमा वृश्चिक राशि में है और रात 7:46 बजे धनु राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य सिंह राशि में है। नई दिल्ली में सूर्योदय सुबह 5:57 और सूर्यास्त शाम 6:46 पर होगा। राहु काल सुबह 7:33 से सुबह 9:09 तक है, इस समय किसी नए या शुभ काम की शुरुआत न करें। दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 से दोपहर 12:47 तक है।

पंचांग के पांच अंग

तिथिनवमी — शाम 6:50 तक, फिर दशमी
नक्षत्रज्येष्ठा — रात 7:46 तक, फिर मूल (चरण 2)
योगविष्कुम्भ — रात 10:53 तक, फिर प्रीति
करणबालव — सुबह 6:45 तक, फिर कौलव — शाम 6:50 तक, फिर तैतिल
वारसोमवार
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 5:57
सूर्यास्तशाम 6:46
चंद्रोदयदोपहर 2:16
चंद्रास्तनहीं
चंद्र राशिवृश्चिक (रात 7:46 से धनु)
सूर्य राशिसिंह
सूर्य नक्षत्रमघा
दिनमान12 घंटे 49 मिनट

हिंदू मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
मास (अमांत)भाद्रपद
विक्रम संवत2085
शक संवत1950
ऋतुवर्षा
दिशा शूलपूर्व

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:28 से सुबह 5:12 तक
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:56 से दोपहर 12:47 तक

अशुभ समय

राहु कालसुबह 7:33 से सुबह 9:09 तक
यमगंडसुबह 10:45 से दोपहर 12:22 तक
गुलिक कालदोपहर 1:58 से दोपहर 3:34 तक

28 अगस्त 2028 का चौघड़िया

दिन का चौघड़िया
अमृतसुबह 5:57 – सुबह 7:33शुभ
कालसुबह 7:33 – सुबह 9:09अशुभ
शुभसुबह 9:09 – सुबह 10:45शुभ
रोगसुबह 10:45 – दोपहर 12:22अशुभ
उद्वेगदोपहर 12:22 – दोपहर 1:58अशुभ
चरदोपहर 1:58 – दोपहर 3:34सामान्य
लाभदोपहर 3:34 – शाम 5:10शुभ
अमृतशाम 5:10 – शाम 6:46शुभ
रात का चौघड़िया
चरशाम 6:46 – रात 8:10सामान्य
रोगरात 8:10 – रात 9:34अशुभ
कालरात 9:34 – रात 10:58अशुभ
लाभरात 10:58 – रात 12:22 (29 अगस्त)शुभ
उद्वेगरात 12:22 (29 अगस्त) – रात 1:46 (29 अगस्त)अशुभ
शुभरात 1:46 (29 अगस्त) – रात 3:10 (29 अगस्त)शुभ
अमृतरात 3:10 (29 अगस्त) – सुबह 4:34 (29 अगस्त)शुभ
चरसुबह 4:34 (29 अगस्त) – सुबह 5:57 (29 अगस्त)सामान्य
अपनी कुंडली के अनुसार शुभ मुहूर्त जानें

पंचांग पूरे देश के लिए सामान्य समय बताता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या नए काम की शुरुआत के लिए सही मुहूर्त आपकी कुंडली और शहर से तय होता है।

  • विवाह और गृह प्रवेश मुहूर्त
  • वाहन, संपत्ति खरीद और व्यापार आरंभ
  • नामकरण, मुंडन और अन्य संस्कार

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पंचांग क्या है और इसे कैसे पढ़ें?

पंचांग हिंदू कालगणना की वह पद्धति है जिससे किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय जाना जाता है। "पंचांग" का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, वाहन खरीद, यात्रा या किसी नए काम की शुरुआत से पहले इन्हीं पांच अंगों को देखकर मुहूर्त तय किया जाता है। व्रत और त्योहारों की तारीख भी पंचांग की तिथि से ही निकलती है।

पंचांग के पांच अंगों का अर्थ

  • तिथि: सूर्य और चंद्रमा के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि होती है। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं: 15 शुक्ल पक्ष में (अमावस्या के बाद से पूर्णिमा तक) और 15 कृष्ण पक्ष में।
  • वार: सप्ताह का दिन। पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है, आधी रात से नहीं।
  • नक्षत्र: आकाश को 27 बराबर भागों में बांटा गया है। चंद्रमा जिस भाग में होता है, वही उस समय का नक्षत्र है। हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं।
  • योग: सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को जोड़कर 27 योग बनते हैं, जैसे प्रीति, सिद्धि, शुभ। व्यतीपात और वैधृति जैसे कुछ योग शुभ कामों के लिए टाले जाते हैं।
  • करण: तिथि का आधा भाग करण कहलाता है, इसलिए एक तिथि में दो करण होते हैं। कुल 11 करण हैं, जिनमें विष्टि करण को भद्रा कहते हैं।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है। वार के अनुसार इनमें से एक भाग राहु काल, एक यमगंड और एक गुलिक काल होता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है, लेकिन मौसम के साथ दिन छोटा-बड़ा होने पर यह समय बदलता रहता है। राहु काल में नया काम, खरीदारी या यात्रा शुरू न करने की परंपरा है।

चौघड़िया कैसे देखें

चौघड़िया में दिन और रात दोनों को आठ-आठ भागों में बांटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं। चर चौघड़िया सामान्य है और यात्रा के लिए ठीक माना जाता है। उद्वेग, रोग और काल चौघड़िया में शुभ काम टाले जाते हैं। जल्दी में कोई काम करना हो तो लोग अक्सर चौघड़िया देखकर ही समय चुनते हैं।

अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

दिन के 15 मुहूर्तों में आठवां मुहूर्त अभिजीत कहलाता है, जो दोपहर के आसपास लगभग 45-50 मिनट का होता है। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जो पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

यह पंचांग कैसे तैयार होता है

इस पेज का पंचांग खगोलीय गणना से तैयार किया जाता है। ग्रहों की स्थिति लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से निकाली गई है और सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय के आधार पर भारतीय समय (IST) में दिए गए हैं। आपके शहर में सूर्योदय, राहु काल और चौघड़िया का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। विवाह जैसे बड़े मुहूर्त के लिए अपनी कुंडली के अनुसार पंडित जी से सलाह जरूर लें।

28 अगस्त 2028 का पंचांग: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 August 2028 ko kaun si tithi hai?

+
इस दिन (28 अगस्त 2028) शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शाम 6:50 तक है, उसके बाद दशमी तिथि लगेगी।

इस दिन कौन सी तिथि है?

+
इस दिन (28 अगस्त 2028) शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शाम 6:50 तक है, उसके बाद दशमी तिथि लगेगी।

इस दिन राहु काल कब है?

+
नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार इस दिन (सोमवार) राहु काल सुबह 7:33 से सुबह 9:09 तक है। आपके शहर में यह समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

इस दिन का शुभ मुहूर्त क्या है?

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अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 से दोपहर 12:47 तक है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:28 से सुबह 5:12 तक है। दिन में शुभ चौघड़िया: अमृत (सुबह 5:57 – सुबह 7:33), शुभ (सुबह 9:09 – सुबह 10:45), लाभ (दोपहर 3:34 – शाम 5:10), अमृत (शाम 5:10 – शाम 6:46)।

इस दिन कौन सा नक्षत्र है?

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इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र रात 7:46 तक है, फिर मूल नक्षत्र शुरू होगा।

इस दिन चंद्रमा किस राशि में है?

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इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में है और रात 7:46 बजे धनु राशि में जाएगा। चंद्रमा की राशि से ही दैनिक राशिफल तय होता है।

पंचांग के पांच अंग कौन से हैं?

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पंचांग के पांच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। इन्हीं पांचों से किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय और मुहूर्त निकाला जाता है।
Pt. Jitendra Vyas
लेखक
Pt. Jitendra Vyas
Expert Vedic Astrologer & Vastu Consultant

Pt. Jitendra Vyas 1955 से चली आ रही वैदिक ज्योतिष परंपरा के वाहक और वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने हज़ारों लोगों को करियर, विवाह और स्वास्थ्य जैसे जीवन के मामलों में मार्गदर्शन दिया है।

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