Vyas Astrology
🕉️ नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार

31 जनवरी 2029 का पंचांग, बुधवार

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा • आश्लेषा नक्षत्र • सौभाग्य योग
लेखक: Pt. Jitendra Vyas · अपडेटेड: 27 अक्टूबर 2026
31 जनवरी 2029 का पंचांग, बुधवार
तिथि
कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
नक्षत्र
आश्लेषा
योग
सौभाग्य
राहु काल
दोपहर 12:34 से दोपहर 1:56 तक

31 जनवरी 2029 को कौन सी तिथि है?

इस दिन (31 जनवरी 2029) कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 8:49 तक है, उसके बाद द्वितीया तिथि लगेगी।

31 January 2029 ko kaun si tithi hai: कृष्ण पक्ष प्रतिपदा (बुधवार).

31 जनवरी 2029 का पंचांग: संक्षेप में

इस दिन 31 जनवरी 2029, बुधवार को फाल्गुन (पूर्णिमांत), माघ (अमांत) मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 8:49 तक है, इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू होगी। आश्लेषा नक्षत्र सुबह 10:01 तक रहेगा, फिर मघा नक्षत्र लगेगा। योग सौभाग्य है और पहला करण कौलव है। चंद्रमा कर्क राशि में है और सुबह 10:01 बजे सिंह राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य मकर राशि में है। नई दिल्ली में सूर्योदय सुबह 7:09 और सूर्यास्त शाम 5:59 पर होगा। राहु काल दोपहर 12:34 से दोपहर 1:56 तक है, इस समय किसी नए या शुभ काम की शुरुआत न करें। बुधवार होने के कारण आज अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता, शुभ काम के लिए अमृत, शुभ या लाभ चौघड़िया देखें।

पंचांग के पांच अंग

तिथिप्रतिपदा — सुबह 8:49 तक, फिर द्वितीया — सुबह 5:50 (1 फ़रवरी) तक, फिर तृतीया
नक्षत्रआश्लेषा — सुबह 10:01 तक, फिर मघा (चरण 4)
योगसौभाग्य — रात 7:12 तक, फिर शोभन
करणकौलव — सुबह 8:49 तक, फिर तैतिल — रात 7:21 तक, फिर गर — सुबह 5:50 (1 फ़रवरी) तक, फिर वणिज
वारबुधवार
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 7:09
सूर्यास्तशाम 5:59
चंद्रोदयरात 7:23
चंद्रास्तसुबह 7:38
चंद्र राशिकर्क (सुबह 10:01 से सिंह)
सूर्य राशिमकर
सूर्य नक्षत्रश्रवण
दिनमान10 घंटे 50 मिनट

हिंदू मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2085
शक संवत1950
ऋतुशिशिर
दिशा शूलउत्तर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्तसुबह 5:24 से सुबह 6:17 तक
अभिजीत मुहूर्तनहीं (बुधवार)

अशुभ समय

राहु कालदोपहर 12:34 से दोपहर 1:56 तक
यमगंडसुबह 8:31 से सुबह 9:52 तक
गुलिक कालसुबह 11:13 से दोपहर 12:34 तक

31 जनवरी 2029 का चौघड़िया

दिन का चौघड़िया
लाभसुबह 7:09 – सुबह 8:31शुभ
अमृतसुबह 8:31 – सुबह 9:52शुभ
कालसुबह 9:52 – सुबह 11:13अशुभ
शुभसुबह 11:13 – दोपहर 12:34शुभ
रोगदोपहर 12:34 – दोपहर 1:56अशुभ
उद्वेगदोपहर 1:56 – दोपहर 3:17अशुभ
चरदोपहर 3:17 – शाम 4:38सामान्य
लाभशाम 4:38 – शाम 5:59शुभ
रात का चौघड़िया
उद्वेगशाम 5:59 – रात 7:38अशुभ
शुभरात 7:38 – रात 9:17शुभ
अमृतरात 9:17 – रात 10:55शुभ
चररात 10:55 – रात 12:34 (1 फ़रवरी)सामान्य
रोगरात 12:34 (1 फ़रवरी) – रात 2:13 (1 फ़रवरी)अशुभ
कालरात 2:13 (1 फ़रवरी) – रात 3:51 (1 फ़रवरी)अशुभ
लाभरात 3:51 (1 फ़रवरी) – सुबह 5:30 (1 फ़रवरी)शुभ
उद्वेगसुबह 5:30 (1 फ़रवरी) – सुबह 7:09 (1 फ़रवरी)अशुभ
अपनी कुंडली के अनुसार शुभ मुहूर्त जानें

पंचांग पूरे देश के लिए सामान्य समय बताता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या नए काम की शुरुआत के लिए सही मुहूर्त आपकी कुंडली और शहर से तय होता है।

  • विवाह और गृह प्रवेश मुहूर्त
  • वाहन, संपत्ति खरीद और व्यापार आरंभ
  • नामकरण, मुंडन और अन्य संस्कार

चंद्रमा कर्क राशि में: आज का राशिफल

चंद्रमा की राशि बदलने से हर राशि पर उसका असर बदलता है। आज का राशिफल देखें

पंचांग क्या है और इसे कैसे पढ़ें?

पंचांग हिंदू कालगणना की वह पद्धति है जिससे किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय जाना जाता है। "पंचांग" का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, वाहन खरीद, यात्रा या किसी नए काम की शुरुआत से पहले इन्हीं पांच अंगों को देखकर मुहूर्त तय किया जाता है। व्रत और त्योहारों की तारीख भी पंचांग की तिथि से ही निकलती है।

पंचांग के पांच अंगों का अर्थ

  • तिथि: सूर्य और चंद्रमा के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि होती है। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं: 15 शुक्ल पक्ष में (अमावस्या के बाद से पूर्णिमा तक) और 15 कृष्ण पक्ष में।
  • वार: सप्ताह का दिन। पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है, आधी रात से नहीं।
  • नक्षत्र: आकाश को 27 बराबर भागों में बांटा गया है। चंद्रमा जिस भाग में होता है, वही उस समय का नक्षत्र है। हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं।
  • योग: सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को जोड़कर 27 योग बनते हैं, जैसे प्रीति, सिद्धि, शुभ। व्यतीपात और वैधृति जैसे कुछ योग शुभ कामों के लिए टाले जाते हैं।
  • करण: तिथि का आधा भाग करण कहलाता है, इसलिए एक तिथि में दो करण होते हैं। कुल 11 करण हैं, जिनमें विष्टि करण को भद्रा कहते हैं।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है। वार के अनुसार इनमें से एक भाग राहु काल, एक यमगंड और एक गुलिक काल होता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है, लेकिन मौसम के साथ दिन छोटा-बड़ा होने पर यह समय बदलता रहता है। राहु काल में नया काम, खरीदारी या यात्रा शुरू न करने की परंपरा है।

चौघड़िया कैसे देखें

चौघड़िया में दिन और रात दोनों को आठ-आठ भागों में बांटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं। चर चौघड़िया सामान्य है और यात्रा के लिए ठीक माना जाता है। उद्वेग, रोग और काल चौघड़िया में शुभ काम टाले जाते हैं। जल्दी में कोई काम करना हो तो लोग अक्सर चौघड़िया देखकर ही समय चुनते हैं।

अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

दिन के 15 मुहूर्तों में आठवां मुहूर्त अभिजीत कहलाता है, जो दोपहर के आसपास लगभग 45-50 मिनट का होता है। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जो पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

यह पंचांग कैसे तैयार होता है

इस पेज का पंचांग खगोलीय गणना से तैयार किया जाता है। ग्रहों की स्थिति लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से निकाली गई है और सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय के आधार पर भारतीय समय (IST) में दिए गए हैं। आपके शहर में सूर्योदय, राहु काल और चौघड़िया का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। विवाह जैसे बड़े मुहूर्त के लिए अपनी कुंडली के अनुसार पंडित जी से सलाह जरूर लें।

31 जनवरी 2029 का पंचांग: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 January 2029 ko kaun si tithi hai?

+
इस दिन (31 जनवरी 2029) कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 8:49 तक है, उसके बाद द्वितीया तिथि लगेगी।

इस दिन कौन सी तिथि है?

+
इस दिन (31 जनवरी 2029) कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 8:49 तक है, उसके बाद द्वितीया तिथि लगेगी।

इस दिन राहु काल कब है?

+
नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार इस दिन (बुधवार) राहु काल दोपहर 12:34 से दोपहर 1:56 तक है। आपके शहर में यह समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

इस दिन का शुभ मुहूर्त क्या है?

+
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:24 से सुबह 6:17 तक है। दिन में शुभ चौघड़िया: लाभ (सुबह 7:09 – सुबह 8:31), अमृत (सुबह 8:31 – सुबह 9:52), शुभ (सुबह 11:13 – दोपहर 12:34), लाभ (शाम 4:38 – शाम 5:59)।

इस दिन कौन सा नक्षत्र है?

+
इस दिन आश्लेषा नक्षत्र सुबह 10:01 तक है, फिर मघा नक्षत्र शुरू होगा।

इस दिन चंद्रमा किस राशि में है?

+
इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में है और सुबह 10:01 बजे सिंह राशि में जाएगा। चंद्रमा की राशि से ही दैनिक राशिफल तय होता है।

पंचांग के पांच अंग कौन से हैं?

+
पंचांग के पांच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। इन्हीं पांचों से किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय और मुहूर्त निकाला जाता है।
Pt. Jitendra Vyas
लेखक
Pt. Jitendra Vyas
Expert Vedic Astrologer & Vastu Consultant

Pt. Jitendra Vyas 1955 से चली आ रही वैदिक ज्योतिष परंपरा के वाहक और वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने हज़ारों लोगों को करियर, विवाह और स्वास्थ्य जैसे जीवन के मामलों में मार्गदर्शन दिया है।

हाल के रील्स और शॉर्ट्स

सभी रील्स देखें →