Vyas Astrology
🕉️ नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार

26 फ़रवरी 2029 का पंचांग, सोमवार

शुक्ल पक्ष द्वादशी • पुष्य नक्षत्र • सौभाग्य योग
लेखक: Pt. Jitendra Vyas · अपडेटेड: 27 अक्टूबर 2026
26 फ़रवरी 2029 का पंचांग, सोमवार
तिथि
शुक्ल पक्ष द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य
योग
सौभाग्य
राहु काल
सुबह 8:15 से सुबह 9:41 तक

26 फ़रवरी 2029 को कौन सी तिथि है?

इस दिन (26 फ़रवरी 2029) शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 7:30 तक है, उसके बाद त्रयोदशी तिथि लगेगी।

26 February 2029 ko kaun si tithi hai: शुक्ल पक्ष द्वादशी (सोमवार).

26 फ़रवरी 2029 का पंचांग: संक्षेप में

इस दिन 26 फ़रवरी 2029, सोमवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 7:30 तक है, इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। पुष्य नक्षत्र रात 10:54 तक रहेगा, फिर आश्लेषा नक्षत्र लगेगा। योग सौभाग्य है और पहला करण बालव है। चंद्रमा पूरे दिन कर्क राशि में रहेगा और सूर्य कुंभ राशि में है। नई दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:49 और सूर्यास्त शाम 6:19 पर होगा। राहु काल सुबह 8:15 से सुबह 9:41 तक है, इस समय किसी नए या शुभ काम की शुरुआत न करें। दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 से दोपहर 12:57 तक है।

पंचांग के पांच अंग

तिथिद्वादशी — सुबह 7:30 तक, फिर त्रयोदशी — सुबह 5:05 (27 फ़रवरी) तक, फिर चतुर्दशी
नक्षत्रपुष्य — रात 10:54 तक, फिर आश्लेषा (चरण 2)
योगसौभाग्य — सुबह 11:12 तक, फिर शोभन
करणबालव — सुबह 7:30 तक, फिर कौलव — शाम 6:22 तक, फिर तैतिल — सुबह 5:05 (27 फ़रवरी) तक, फिर गर
वारसोमवार
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 6:49
सूर्यास्तशाम 6:19
चंद्रोदयदोपहर 3:52
चंद्रास्तसुबह 4:46
चंद्र राशिकर्क
सूर्य राशिकुंभ
सूर्य नक्षत्रशतभिषा
दिनमान11 घंटे 30 मिनट

हिंदू मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2085
शक संवत1950
ऋतुशिशिर
दिशा शूलपूर्व

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्तसुबह 5:09 से सुबह 5:59 तक
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:11 से दोपहर 12:57 तक

अशुभ समय

राहु कालसुबह 8:15 से सुबह 9:41 तक
यमगंडसुबह 11:07 से दोपहर 12:34 तक
गुलिक कालदोपहर 2:00 से दोपहर 3:26 तक

26 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

दिन का चौघड़िया
अमृतसुबह 6:49 – सुबह 8:15शुभ
कालसुबह 8:15 – सुबह 9:41अशुभ
शुभसुबह 9:41 – सुबह 11:07शुभ
रोगसुबह 11:07 – दोपहर 12:34अशुभ
उद्वेगदोपहर 12:34 – दोपहर 2:00अशुभ
चरदोपहर 2:00 – दोपहर 3:26सामान्य
लाभदोपहर 3:26 – शाम 4:52शुभ
अमृतशाम 4:52 – शाम 6:19शुभ
रात का चौघड़िया
चरशाम 6:19 – रात 7:52सामान्य
रोगरात 7:52 – रात 9:26अशुभ
कालरात 9:26 – रात 11:00अशुभ
लाभरात 11:00 – रात 12:33 (27 फ़रवरी)शुभ
उद्वेगरात 12:33 (27 फ़रवरी) – रात 2:07 (27 फ़रवरी)अशुभ
शुभरात 2:07 (27 फ़रवरी) – रात 3:41 (27 फ़रवरी)शुभ
अमृतरात 3:41 (27 फ़रवरी) – सुबह 5:14 (27 फ़रवरी)शुभ
चरसुबह 5:14 (27 फ़रवरी) – सुबह 6:48 (27 फ़रवरी)सामान्य
अपनी कुंडली के अनुसार शुभ मुहूर्त जानें

पंचांग पूरे देश के लिए सामान्य समय बताता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या नए काम की शुरुआत के लिए सही मुहूर्त आपकी कुंडली और शहर से तय होता है।

  • विवाह और गृह प्रवेश मुहूर्त
  • वाहन, संपत्ति खरीद और व्यापार आरंभ
  • नामकरण, मुंडन और अन्य संस्कार

चंद्रमा कर्क राशि में: आज का राशिफल

चंद्रमा की राशि बदलने से हर राशि पर उसका असर बदलता है। आज का राशिफल देखें

पंचांग क्या है और इसे कैसे पढ़ें?

पंचांग हिंदू कालगणना की वह पद्धति है जिससे किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय जाना जाता है। "पंचांग" का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, वाहन खरीद, यात्रा या किसी नए काम की शुरुआत से पहले इन्हीं पांच अंगों को देखकर मुहूर्त तय किया जाता है। व्रत और त्योहारों की तारीख भी पंचांग की तिथि से ही निकलती है।

पंचांग के पांच अंगों का अर्थ

  • तिथि: सूर्य और चंद्रमा के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि होती है। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं: 15 शुक्ल पक्ष में (अमावस्या के बाद से पूर्णिमा तक) और 15 कृष्ण पक्ष में।
  • वार: सप्ताह का दिन। पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है, आधी रात से नहीं।
  • नक्षत्र: आकाश को 27 बराबर भागों में बांटा गया है। चंद्रमा जिस भाग में होता है, वही उस समय का नक्षत्र है। हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं।
  • योग: सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को जोड़कर 27 योग बनते हैं, जैसे प्रीति, सिद्धि, शुभ। व्यतीपात और वैधृति जैसे कुछ योग शुभ कामों के लिए टाले जाते हैं।
  • करण: तिथि का आधा भाग करण कहलाता है, इसलिए एक तिथि में दो करण होते हैं। कुल 11 करण हैं, जिनमें विष्टि करण को भद्रा कहते हैं।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है। वार के अनुसार इनमें से एक भाग राहु काल, एक यमगंड और एक गुलिक काल होता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है, लेकिन मौसम के साथ दिन छोटा-बड़ा होने पर यह समय बदलता रहता है। राहु काल में नया काम, खरीदारी या यात्रा शुरू न करने की परंपरा है।

चौघड़िया कैसे देखें

चौघड़िया में दिन और रात दोनों को आठ-आठ भागों में बांटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं। चर चौघड़िया सामान्य है और यात्रा के लिए ठीक माना जाता है। उद्वेग, रोग और काल चौघड़िया में शुभ काम टाले जाते हैं। जल्दी में कोई काम करना हो तो लोग अक्सर चौघड़िया देखकर ही समय चुनते हैं।

अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

दिन के 15 मुहूर्तों में आठवां मुहूर्त अभिजीत कहलाता है, जो दोपहर के आसपास लगभग 45-50 मिनट का होता है। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जो पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

यह पंचांग कैसे तैयार होता है

इस पेज का पंचांग खगोलीय गणना से तैयार किया जाता है। ग्रहों की स्थिति लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से निकाली गई है और सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय के आधार पर भारतीय समय (IST) में दिए गए हैं। आपके शहर में सूर्योदय, राहु काल और चौघड़िया का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। विवाह जैसे बड़े मुहूर्त के लिए अपनी कुंडली के अनुसार पंडित जी से सलाह जरूर लें।

26 फ़रवरी 2029 का पंचांग: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26 February 2029 ko kaun si tithi hai?

+
इस दिन (26 फ़रवरी 2029) शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 7:30 तक है, उसके बाद त्रयोदशी तिथि लगेगी।

इस दिन कौन सी तिथि है?

+
इस दिन (26 फ़रवरी 2029) शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 7:30 तक है, उसके बाद त्रयोदशी तिथि लगेगी।

इस दिन राहु काल कब है?

+
नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार इस दिन (सोमवार) राहु काल सुबह 8:15 से सुबह 9:41 तक है। आपके शहर में यह समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

इस दिन का शुभ मुहूर्त क्या है?

+
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 से दोपहर 12:57 तक है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:09 से सुबह 5:59 तक है। दिन में शुभ चौघड़िया: अमृत (सुबह 6:49 – सुबह 8:15), शुभ (सुबह 9:41 – सुबह 11:07), लाभ (दोपहर 3:26 – शाम 4:52), अमृत (शाम 4:52 – शाम 6:19)।

इस दिन कौन सा नक्षत्र है?

+
इस दिन पुष्य नक्षत्र रात 10:54 तक है, फिर आश्लेषा नक्षत्र शुरू होगा।

इस दिन चंद्रमा किस राशि में है?

+
इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में है। चंद्रमा की राशि से ही दैनिक राशिफल तय होता है।

पंचांग के पांच अंग कौन से हैं?

+
पंचांग के पांच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। इन्हीं पांचों से किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय और मुहूर्त निकाला जाता है।
Pt. Jitendra Vyas
लेखक
Pt. Jitendra Vyas
Expert Vedic Astrologer & Vastu Consultant

Pt. Jitendra Vyas 1955 से चली आ रही वैदिक ज्योतिष परंपरा के वाहक और वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने हज़ारों लोगों को करियर, विवाह और स्वास्थ्य जैसे जीवन के मामलों में मार्गदर्शन दिया है।

हाल के रील्स और शॉर्ट्स

सभी रील्स देखें →