Vyas Astrology
🕉️ नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार

21 जून 2029 का पंचांग, गुरुवार

शुक्ल पक्ष दशमी • चित्रा नक्षत्र • परिघ योग
लेखक: Pt. Jitendra Vyas · अपडेटेड: 28 अक्टूबर 2026
21 जून 2029 का पंचांग, गुरुवार
तिथि
शुक्ल पक्ष दशमी
नक्षत्र
चित्रा
योग
परिघ
राहु काल
दोपहर 2:07 से दोपहर 3:52 तक

21 जून 2029 को कौन सी तिथि है?

इस दिन (21 जून 2029) शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 9:16 तक है, उसके बाद एकादशी तिथि लगेगी।

21 June 2029 ko kaun si tithi hai: शुक्ल पक्ष दशमी (गुरुवार).

21 जून 2029 का पंचांग: संक्षेप में

इस दिन 21 जून 2029, गुरुवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 9:16 तक है, इसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। चित्रा नक्षत्र रात 9:54 तक रहेगा, फिर स्वाति नक्षत्र लगेगा। योग परिघ है और पहला करण तैतिल है। चंद्रमा कन्या राशि में है और सुबह 10:49 बजे तुला राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य मिथुन राशि में है। नई दिल्ली में सूर्योदय सुबह 5:23 और सूर्यास्त रात 7:22 पर होगा। राहु काल दोपहर 2:07 से दोपहर 3:52 तक है, इस समय किसी नए या शुभ काम की शुरुआत न करें। दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:55 से दोपहर 12:50 तक है।

पंचांग के पांच अंग

तिथिदशमी — रात 9:16 तक, फिर एकादशी
नक्षत्रचित्रा — रात 9:54 तक, फिर स्वाति (चरण 2)
योगपरिघ — रात 10:27 तक, फिर शिव
करणतैतिल — सुबह 10:35 तक, फिर गर — रात 9:16 तक, फिर वणिज
वारगुरुवार
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 5:23
सूर्यास्तरात 7:22
चंद्रोदयदोपहर 2:26
चंद्रास्तरात 12:56
चंद्र राशिकन्या (सुबह 10:49 से तुला)
सूर्य राशिमिथुन
सूर्य नक्षत्रमृगशिरा
दिनमान13 घंटे 58 मिनट

हिंदू मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
मास (अमांत)ज्येष्ठ
विक्रम संवत2086
शक संवत1951
ऋतुग्रीष्म
दिशा शूलदक्षिण

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:03 से सुबह 4:43 तक
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:55 से दोपहर 12:50 तक

अशुभ समय

राहु कालदोपहर 2:07 से दोपहर 3:52 तक
यमगंडसुबह 5:23 से सुबह 7:08 तक
गुलिक कालसुबह 8:53 से सुबह 10:38 तक

21 जून 2029 का चौघड़िया

दिन का चौघड़िया
शुभसुबह 5:23 – सुबह 7:08शुभ
रोगसुबह 7:08 – सुबह 8:53अशुभ
उद्वेगसुबह 8:53 – सुबह 10:38अशुभ
चरसुबह 10:38 – दोपहर 12:23सामान्य
लाभदोपहर 12:23 – दोपहर 2:07शुभ
अमृतदोपहर 2:07 – दोपहर 3:52शुभ
कालदोपहर 3:52 – शाम 5:37अशुभ
शुभशाम 5:37 – रात 7:22शुभ
रात का चौघड़िया
अमृतरात 7:22 – रात 8:37शुभ
चररात 8:37 – रात 9:52सामान्य
रोगरात 9:52 – रात 11:07अशुभ
कालरात 11:07 – रात 12:23 (22 जून)अशुभ
लाभरात 12:23 (22 जून) – रात 1:38 (22 जून)शुभ
उद्वेगरात 1:38 (22 जून) – रात 2:53 (22 जून)अशुभ
शुभरात 2:53 (22 जून) – सुबह 4:08 (22 जून)शुभ
अमृतसुबह 4:08 (22 जून) – सुबह 5:24 (22 जून)शुभ
अपनी कुंडली के अनुसार शुभ मुहूर्त जानें

पंचांग पूरे देश के लिए सामान्य समय बताता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या नए काम की शुरुआत के लिए सही मुहूर्त आपकी कुंडली और शहर से तय होता है।

  • विवाह और गृह प्रवेश मुहूर्त
  • वाहन, संपत्ति खरीद और व्यापार आरंभ
  • नामकरण, मुंडन और अन्य संस्कार

चंद्रमा कन्या राशि में: आज का राशिफल

चंद्रमा की राशि बदलने से हर राशि पर उसका असर बदलता है। आज का राशिफल देखें

पंचांग क्या है और इसे कैसे पढ़ें?

पंचांग हिंदू कालगणना की वह पद्धति है जिससे किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय जाना जाता है। "पंचांग" का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, वाहन खरीद, यात्रा या किसी नए काम की शुरुआत से पहले इन्हीं पांच अंगों को देखकर मुहूर्त तय किया जाता है। व्रत और त्योहारों की तारीख भी पंचांग की तिथि से ही निकलती है।

पंचांग के पांच अंगों का अर्थ

  • तिथि: सूर्य और चंद्रमा के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि होती है। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं: 15 शुक्ल पक्ष में (अमावस्या के बाद से पूर्णिमा तक) और 15 कृष्ण पक्ष में।
  • वार: सप्ताह का दिन। पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है, आधी रात से नहीं।
  • नक्षत्र: आकाश को 27 बराबर भागों में बांटा गया है। चंद्रमा जिस भाग में होता है, वही उस समय का नक्षत्र है। हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं।
  • योग: सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को जोड़कर 27 योग बनते हैं, जैसे प्रीति, सिद्धि, शुभ। व्यतीपात और वैधृति जैसे कुछ योग शुभ कामों के लिए टाले जाते हैं।
  • करण: तिथि का आधा भाग करण कहलाता है, इसलिए एक तिथि में दो करण होते हैं। कुल 11 करण हैं, जिनमें विष्टि करण को भद्रा कहते हैं।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है। वार के अनुसार इनमें से एक भाग राहु काल, एक यमगंड और एक गुलिक काल होता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है, लेकिन मौसम के साथ दिन छोटा-बड़ा होने पर यह समय बदलता रहता है। राहु काल में नया काम, खरीदारी या यात्रा शुरू न करने की परंपरा है।

चौघड़िया कैसे देखें

चौघड़िया में दिन और रात दोनों को आठ-आठ भागों में बांटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं। चर चौघड़िया सामान्य है और यात्रा के लिए ठीक माना जाता है। उद्वेग, रोग और काल चौघड़िया में शुभ काम टाले जाते हैं। जल्दी में कोई काम करना हो तो लोग अक्सर चौघड़िया देखकर ही समय चुनते हैं।

अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

दिन के 15 मुहूर्तों में आठवां मुहूर्त अभिजीत कहलाता है, जो दोपहर के आसपास लगभग 45-50 मिनट का होता है। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जो पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

यह पंचांग कैसे तैयार होता है

इस पेज का पंचांग खगोलीय गणना से तैयार किया जाता है। ग्रहों की स्थिति लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से निकाली गई है और सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय के आधार पर भारतीय समय (IST) में दिए गए हैं। आपके शहर में सूर्योदय, राहु काल और चौघड़िया का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। विवाह जैसे बड़े मुहूर्त के लिए अपनी कुंडली के अनुसार पंडित जी से सलाह जरूर लें।

21 जून 2029 का पंचांग: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 June 2029 ko kaun si tithi hai?

+
इस दिन (21 जून 2029) शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 9:16 तक है, उसके बाद एकादशी तिथि लगेगी।

इस दिन कौन सी तिथि है?

+
इस दिन (21 जून 2029) शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 9:16 तक है, उसके बाद एकादशी तिथि लगेगी।

इस दिन राहु काल कब है?

+
नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार इस दिन (गुरुवार) राहु काल दोपहर 2:07 से दोपहर 3:52 तक है। आपके शहर में यह समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

इस दिन का शुभ मुहूर्त क्या है?

+
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:55 से दोपहर 12:50 तक है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:03 से सुबह 4:43 तक है। दिन में शुभ चौघड़िया: शुभ (सुबह 5:23 – सुबह 7:08), लाभ (दोपहर 12:23 – दोपहर 2:07), अमृत (दोपहर 2:07 – दोपहर 3:52), शुभ (शाम 5:37 – रात 7:22)।

इस दिन कौन सा नक्षत्र है?

+
इस दिन चित्रा नक्षत्र रात 9:54 तक है, फिर स्वाति नक्षत्र शुरू होगा।

इस दिन चंद्रमा किस राशि में है?

+
इस दिन चंद्रमा कन्या राशि में है और सुबह 10:49 बजे तुला राशि में जाएगा। चंद्रमा की राशि से ही दैनिक राशिफल तय होता है।

पंचांग के पांच अंग कौन से हैं?

+
पंचांग के पांच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। इन्हीं पांचों से किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय और मुहूर्त निकाला जाता है।
Pt. Jitendra Vyas
लेखक
Pt. Jitendra Vyas
Expert Vedic Astrologer & Vastu Consultant

Pt. Jitendra Vyas 1955 से चली आ रही वैदिक ज्योतिष परंपरा के वाहक और वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने हज़ारों लोगों को करियर, विवाह और स्वास्थ्य जैसे जीवन के मामलों में मार्गदर्शन दिया है।

हाल के रील्स और शॉर्ट्स

सभी रील्स देखें →