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16 अगस्त 2029 का पंचांग, गुरुवार

शुक्ल पक्ष सप्तमी • स्वाति नक्षत्र • शुक्ल योग
लेखक: Pt. Jitendra Vyas · अपडेटेड: 28 अक्टूबर 2026
16 अगस्त 2029 का पंचांग, गुरुवार
तिथि
शुक्ल पक्ष सप्तमी
नक्षत्र
स्वाति
योग
शुक्ल
राहु काल
दोपहर 2:03 से दोपहर 3:42 तक

16 अगस्त 2029 को कौन सी तिथि है?

इस दिन (16 अगस्त 2029) शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 1:28 तक है, उसके बाद अष्टमी तिथि लगेगी।

16 August 2029 ko kaun si tithi hai: शुक्ल पक्ष सप्तमी (गुरुवार).

16 अगस्त 2029 का पंचांग: संक्षेप में

इस दिन 16 अगस्त 2029, गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 1:28 तक है, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। स्वाति नक्षत्र सुबह 7:35 तक रहेगा, फिर विशाखा नक्षत्र लगेगा। योग शुक्ल है और पहला करण वणिज है। चंद्रमा तुला राशि में है और रात 12:33 (17 अगस्त) बजे वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य कर्क राशि में है। नई दिल्ली में सूर्योदय सुबह 5:51 और सूर्यास्त शाम 6:59 पर होगा। राहु काल दोपहर 2:03 से दोपहर 3:42 तक है, इस समय किसी नए या शुभ काम की शुरुआत न करें। दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 से दोपहर 12:51 तक है। भद्रा दोपहर 1:28 से रात 12:26 (17 अगस्त) तक रहेगी, भद्रा में शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।

पंचांग के पांच अंग

तिथिसप्तमी — दोपहर 1:28 तक, फिर अष्टमी
नक्षत्रस्वाति — सुबह 7:35 तक, फिर विशाखा (चरण 4)
योगशुक्ल — सुबह 8:46 तक, फिर ब्रह्म
करणवणिज — दोपहर 1:28 तक, फिर विष्टि (भद्रा) — रात 12:26 (17 अगस्त) तक, फिर बव
वारगुरुवार
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 5:51
सूर्यास्तशाम 6:59
चंद्रोदयदोपहर 12:23
चंद्रास्तरात 11:08
चंद्र राशितुला (रात 12:33 (17 अगस्त) से वृश्चिक)
सूर्य राशिकर्क
सूर्य नक्षत्रआश्लेषा
दिनमान13 घंटे 9 मिनट

हिंदू मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)श्रावण
विक्रम संवत2086
शक संवत1951
ऋतुवर्षा
दिशा शूलदक्षिण

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:24 से सुबह 5:07 तक
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:58 से दोपहर 12:51 तक

अशुभ समय

राहु कालदोपहर 2:03 से दोपहर 3:42 तक
यमगंडसुबह 5:51 से सुबह 7:29 तक
गुलिक कालसुबह 9:08 से सुबह 10:46 तक
भद्रादोपहर 1:28 से रात 12:26 (17 अगस्त) तक

16 अगस्त 2029 का चौघड़िया

दिन का चौघड़िया
शुभसुबह 5:51 – सुबह 7:29शुभ
रोगसुबह 7:29 – सुबह 9:08अशुभ
उद्वेगसुबह 9:08 – सुबह 10:46अशुभ
चरसुबह 10:46 – दोपहर 12:25सामान्य
लाभदोपहर 12:25 – दोपहर 2:03शुभ
अमृतदोपहर 2:03 – दोपहर 3:42शुभ
कालदोपहर 3:42 – शाम 5:20अशुभ
शुभशाम 5:20 – शाम 6:59शुभ
रात का चौघड़िया
अमृतशाम 6:59 – रात 8:21शुभ
चररात 8:21 – रात 9:42सामान्य
रोगरात 9:42 – रात 11:04अशुभ
कालरात 11:04 – रात 12:25 (17 अगस्त)अशुभ
लाभरात 12:25 (17 अगस्त) – रात 1:47 (17 अगस्त)शुभ
उद्वेगरात 1:47 (17 अगस्त) – रात 3:08 (17 अगस्त)अशुभ
शुभरात 3:08 (17 अगस्त) – सुबह 4:30 (17 अगस्त)शुभ
अमृतसुबह 4:30 (17 अगस्त) – सुबह 5:51 (17 अगस्त)शुभ
अपनी कुंडली के अनुसार शुभ मुहूर्त जानें

पंचांग पूरे देश के लिए सामान्य समय बताता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या नए काम की शुरुआत के लिए सही मुहूर्त आपकी कुंडली और शहर से तय होता है।

  • विवाह और गृह प्रवेश मुहूर्त
  • वाहन, संपत्ति खरीद और व्यापार आरंभ
  • नामकरण, मुंडन और अन्य संस्कार

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पंचांग क्या है और इसे कैसे पढ़ें?

पंचांग हिंदू कालगणना की वह पद्धति है जिससे किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय जाना जाता है। "पंचांग" का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, वाहन खरीद, यात्रा या किसी नए काम की शुरुआत से पहले इन्हीं पांच अंगों को देखकर मुहूर्त तय किया जाता है। व्रत और त्योहारों की तारीख भी पंचांग की तिथि से ही निकलती है।

पंचांग के पांच अंगों का अर्थ

  • तिथि: सूर्य और चंद्रमा के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि होती है। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं: 15 शुक्ल पक्ष में (अमावस्या के बाद से पूर्णिमा तक) और 15 कृष्ण पक्ष में।
  • वार: सप्ताह का दिन। पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है, आधी रात से नहीं।
  • नक्षत्र: आकाश को 27 बराबर भागों में बांटा गया है। चंद्रमा जिस भाग में होता है, वही उस समय का नक्षत्र है। हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं।
  • योग: सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को जोड़कर 27 योग बनते हैं, जैसे प्रीति, सिद्धि, शुभ। व्यतीपात और वैधृति जैसे कुछ योग शुभ कामों के लिए टाले जाते हैं।
  • करण: तिथि का आधा भाग करण कहलाता है, इसलिए एक तिथि में दो करण होते हैं। कुल 11 करण हैं, जिनमें विष्टि करण को भद्रा कहते हैं।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है। वार के अनुसार इनमें से एक भाग राहु काल, एक यमगंड और एक गुलिक काल होता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है, लेकिन मौसम के साथ दिन छोटा-बड़ा होने पर यह समय बदलता रहता है। राहु काल में नया काम, खरीदारी या यात्रा शुरू न करने की परंपरा है।

चौघड़िया कैसे देखें

चौघड़िया में दिन और रात दोनों को आठ-आठ भागों में बांटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं। चर चौघड़िया सामान्य है और यात्रा के लिए ठीक माना जाता है। उद्वेग, रोग और काल चौघड़िया में शुभ काम टाले जाते हैं। जल्दी में कोई काम करना हो तो लोग अक्सर चौघड़िया देखकर ही समय चुनते हैं।

अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

दिन के 15 मुहूर्तों में आठवां मुहूर्त अभिजीत कहलाता है, जो दोपहर के आसपास लगभग 45-50 मिनट का होता है। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जो पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

यह पंचांग कैसे तैयार होता है

इस पेज का पंचांग खगोलीय गणना से तैयार किया जाता है। ग्रहों की स्थिति लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से निकाली गई है और सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय के आधार पर भारतीय समय (IST) में दिए गए हैं। आपके शहर में सूर्योदय, राहु काल और चौघड़िया का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। विवाह जैसे बड़े मुहूर्त के लिए अपनी कुंडली के अनुसार पंडित जी से सलाह जरूर लें।

16 अगस्त 2029 का पंचांग: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 August 2029 ko kaun si tithi hai?

+
इस दिन (16 अगस्त 2029) शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 1:28 तक है, उसके बाद अष्टमी तिथि लगेगी।

इस दिन कौन सी तिथि है?

+
इस दिन (16 अगस्त 2029) शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 1:28 तक है, उसके बाद अष्टमी तिथि लगेगी।

इस दिन राहु काल कब है?

+
नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार इस दिन (गुरुवार) राहु काल दोपहर 2:03 से दोपहर 3:42 तक है। आपके शहर में यह समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

इस दिन का शुभ मुहूर्त क्या है?

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अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 से दोपहर 12:51 तक है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:24 से सुबह 5:07 तक है। दिन में शुभ चौघड़िया: शुभ (सुबह 5:51 – सुबह 7:29), लाभ (दोपहर 12:25 – दोपहर 2:03), अमृत (दोपहर 2:03 – दोपहर 3:42), शुभ (शाम 5:20 – शाम 6:59)।

इस दिन कौन सा नक्षत्र है?

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इस दिन स्वाति नक्षत्र सुबह 7:35 तक है, फिर विशाखा नक्षत्र शुरू होगा।

इस दिन चंद्रमा किस राशि में है?

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इस दिन चंद्रमा तुला राशि में है और रात 12:33 (17 अगस्त) बजे वृश्चिक राशि में जाएगा। चंद्रमा की राशि से ही दैनिक राशिफल तय होता है।

पंचांग के पांच अंग कौन से हैं?

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पंचांग के पांच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। इन्हीं पांचों से किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय और मुहूर्त निकाला जाता है।
Pt. Jitendra Vyas
लेखक
Pt. Jitendra Vyas
Expert Vedic Astrologer & Vastu Consultant

Pt. Jitendra Vyas 1955 से चली आ रही वैदिक ज्योतिष परंपरा के वाहक और वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने हज़ारों लोगों को करियर, विवाह और स्वास्थ्य जैसे जीवन के मामलों में मार्गदर्शन दिया है।

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