Vyas Astrology
🕉️ नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार

20 सितंबर 2029 का पंचांग, गुरुवार

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी • धनिष्ठा नक्षत्र • धृति योग
लेखक: Pt. Jitendra Vyas · अपडेटेड: 28 अक्टूबर 2026
20 सितंबर 2029 का पंचांग, गुरुवार
तिथि
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा
योग
धृति
राहु काल
दोपहर 1:45 से दोपहर 3:17 तक

20 सितंबर 2029 को कौन सी तिथि है?

इस दिन (20 सितंबर 2029) शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शाम 6:58 तक है, उसके बाद चतुर्दशी तिथि लगेगी।

20 September 2029 ko kaun si tithi hai: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी (गुरुवार).

20 सितंबर 2029 का पंचांग: संक्षेप में

इस दिन 20 सितंबर 2029, गुरुवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शाम 6:58 तक है, इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 1:18 तक रहेगा, फिर शतभिषा नक्षत्र लगेगा। योग धृति है और पहला करण कौलव है। चंद्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में रहेगा और सूर्य कन्या राशि में है। नई दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:08 और सूर्यास्त शाम 6:20 पर होगा। राहु काल दोपहर 1:45 से दोपहर 3:17 तक है, इस समय किसी नए या शुभ काम की शुरुआत न करें। दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:38 तक है।

पंचांग के पांच अंग

तिथित्रयोदशी — शाम 6:58 तक, फिर चतुर्दशी
नक्षत्रधनिष्ठा — दोपहर 1:18 तक, फिर शतभिषा (चरण 3)
योगधृति — रात 1:10 (21 सितंबर) तक, फिर शूल
करणकौलव — सुबह 6:26 तक, फिर तैतिल — शाम 6:58 तक, फिर गर
वारगुरुवार
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 6:08
सूर्यास्तशाम 6:20
चंद्रोदयशाम 4:49
चंद्रास्तरात 3:51
चंद्र राशिकुंभ
सूर्य राशिकन्या
सूर्य नक्षत्रउत्तराफाल्गुनी
दिनमान12 घंटे 12 मिनट

हिंदू मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
मास (अमांत)भाद्रपद
विक्रम संवत2086
शक संवत1951
ऋतुवर्षा
दिशा शूलदक्षिण

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:34 से सुबह 5:21 तक
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:49 से दोपहर 12:38 तक

अशुभ समय

राहु कालदोपहर 1:45 से दोपहर 3:17 तक
यमगंडसुबह 6:08 से सुबह 7:40 तक
गुलिक कालसुबह 9:11 से सुबह 10:42 तक

20 सितंबर 2029 का चौघड़िया

दिन का चौघड़िया
शुभसुबह 6:08 – सुबह 7:40शुभ
रोगसुबह 7:40 – सुबह 9:11अशुभ
उद्वेगसुबह 9:11 – सुबह 10:42अशुभ
चरसुबह 10:42 – दोपहर 12:14सामान्य
लाभदोपहर 12:14 – दोपहर 1:45शुभ
अमृतदोपहर 1:45 – दोपहर 3:17शुभ
कालदोपहर 3:17 – शाम 4:48अशुभ
शुभशाम 4:48 – शाम 6:20शुभ
रात का चौघड़िया
अमृतशाम 6:20 – रात 7:48शुभ
चररात 7:48 – रात 9:17सामान्य
रोगरात 9:17 – रात 10:46अशुभ
कालरात 10:46 – रात 12:14 (21 सितंबर)अशुभ
लाभरात 12:14 (21 सितंबर) – रात 1:43 (21 सितंबर)शुभ
उद्वेगरात 1:43 (21 सितंबर) – रात 3:11 (21 सितंबर)अशुभ
शुभरात 3:11 (21 सितंबर) – सुबह 4:40 (21 सितंबर)शुभ
अमृतसुबह 4:40 (21 सितंबर) – सुबह 6:09 (21 सितंबर)शुभ
अपनी कुंडली के अनुसार शुभ मुहूर्त जानें

पंचांग पूरे देश के लिए सामान्य समय बताता है। विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या नए काम की शुरुआत के लिए सही मुहूर्त आपकी कुंडली और शहर से तय होता है।

  • विवाह और गृह प्रवेश मुहूर्त
  • वाहन, संपत्ति खरीद और व्यापार आरंभ
  • नामकरण, मुंडन और अन्य संस्कार

चंद्रमा कुंभ राशि में: आज का राशिफल

चंद्रमा की राशि बदलने से हर राशि पर उसका असर बदलता है। आज का राशिफल देखें

पंचांग क्या है और इसे कैसे पढ़ें?

पंचांग हिंदू कालगणना की वह पद्धति है जिससे किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय जाना जाता है। "पंचांग" का अर्थ है पांच अंग: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, वाहन खरीद, यात्रा या किसी नए काम की शुरुआत से पहले इन्हीं पांच अंगों को देखकर मुहूर्त तय किया जाता है। व्रत और त्योहारों की तारीख भी पंचांग की तिथि से ही निकलती है।

पंचांग के पांच अंगों का अर्थ

  • तिथि: सूर्य और चंद्रमा के बीच हर 12 अंश की दूरी एक तिथि होती है। एक चंद्र मास में 30 तिथियां होती हैं: 15 शुक्ल पक्ष में (अमावस्या के बाद से पूर्णिमा तक) और 15 कृष्ण पक्ष में।
  • वार: सप्ताह का दिन। पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है, आधी रात से नहीं।
  • नक्षत्र: आकाश को 27 बराबर भागों में बांटा गया है। चंद्रमा जिस भाग में होता है, वही उस समय का नक्षत्र है। हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं।
  • योग: सूर्य और चंद्रमा की स्थिति को जोड़कर 27 योग बनते हैं, जैसे प्रीति, सिद्धि, शुभ। व्यतीपात और वैधृति जैसे कुछ योग शुभ कामों के लिए टाले जाते हैं।
  • करण: तिथि का आधा भाग करण कहलाता है, इसलिए एक तिथि में दो करण होते हैं। कुल 11 करण हैं, जिनमें विष्टि करण को भद्रा कहते हैं।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है। वार के अनुसार इनमें से एक भाग राहु काल, एक यमगंड और एक गुलिक काल होता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है, लेकिन मौसम के साथ दिन छोटा-बड़ा होने पर यह समय बदलता रहता है। राहु काल में नया काम, खरीदारी या यात्रा शुरू न करने की परंपरा है।

चौघड़िया कैसे देखें

चौघड़िया में दिन और रात दोनों को आठ-आठ भागों में बांटा जाता है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं। चर चौघड़िया सामान्य है और यात्रा के लिए ठीक माना जाता है। उद्वेग, रोग और काल चौघड़िया में शुभ काम टाले जाते हैं। जल्दी में कोई काम करना हो तो लोग अक्सर चौघड़िया देखकर ही समय चुनते हैं।

अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

दिन के 15 मुहूर्तों में आठवां मुहूर्त अभिजीत कहलाता है, जो दोपहर के आसपास लगभग 45-50 मिनट का होता है। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जो पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

यह पंचांग कैसे तैयार होता है

इस पेज का पंचांग खगोलीय गणना से तैयार किया जाता है। ग्रहों की स्थिति लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से निकाली गई है और सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय के आधार पर भारतीय समय (IST) में दिए गए हैं। आपके शहर में सूर्योदय, राहु काल और चौघड़िया का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। विवाह जैसे बड़े मुहूर्त के लिए अपनी कुंडली के अनुसार पंडित जी से सलाह जरूर लें।

20 सितंबर 2029 का पंचांग: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 September 2029 ko kaun si tithi hai?

+
इस दिन (20 सितंबर 2029) शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शाम 6:58 तक है, उसके बाद चतुर्दशी तिथि लगेगी।

इस दिन कौन सी तिथि है?

+
इस दिन (20 सितंबर 2029) शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शाम 6:58 तक है, उसके बाद चतुर्दशी तिथि लगेगी।

इस दिन राहु काल कब है?

+
नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार इस दिन (गुरुवार) राहु काल दोपहर 1:45 से दोपहर 3:17 तक है। आपके शहर में यह समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

इस दिन का शुभ मुहूर्त क्या है?

+
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:38 तक है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:34 से सुबह 5:21 तक है। दिन में शुभ चौघड़िया: शुभ (सुबह 6:08 – सुबह 7:40), लाभ (दोपहर 12:14 – दोपहर 1:45), अमृत (दोपहर 1:45 – दोपहर 3:17), शुभ (शाम 4:48 – शाम 6:20)।

इस दिन कौन सा नक्षत्र है?

+
इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 1:18 तक है, फिर शतभिषा नक्षत्र शुरू होगा।

इस दिन चंद्रमा किस राशि में है?

+
इस दिन चंद्रमा कुंभ राशि में है। चंद्रमा की राशि से ही दैनिक राशिफल तय होता है।

पंचांग के पांच अंग कौन से हैं?

+
पंचांग के पांच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। इन्हीं पांचों से किसी भी दिन का शुभ-अशुभ समय और मुहूर्त निकाला जाता है।
Pt. Jitendra Vyas
लेखक
Pt. Jitendra Vyas
Expert Vedic Astrologer & Vastu Consultant

Pt. Jitendra Vyas 1955 से चली आ रही वैदिक ज्योतिष परंपरा के वाहक और वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने हज़ारों लोगों को करियर, विवाह और स्वास्थ्य जैसे जीवन के मामलों में मार्गदर्शन दिया है।

हाल के रील्स और शॉर्ट्स

सभी रील्स देखें →